इराक़ की राजधानी बग़दाद में "इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की नज़र से ईरान-इराक़ सांस्कृतिक संबंध" शीर्षक के तहत ख़ास बैठक आयोजित हुयी जिसमें रिसर्च स्कॉलर्ज़, बुद्धिजीवी, सांस्कृतिक कार्यकर्ता और आम लोगों ने शिरकत की।
04/09/2026
इस्लामी इंकेलाब के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के प्रमुख ने बल दिया कि इराक़ी अवाम ने शहीद ख़ामेनेई की शवयात्रा में ऐतिहासिक कारनामा अंजाम दिया है।
25/08/2026
19 अगस्त 2026 को इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर के चेहलुम की मजलिस क़ुम में हज़रत मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के रौज़े में आयोजित हुयी।
19/08/2026
इटली के ओपेरा के संगीतकार और गायक जनाब ऐंटोनियो पापालार्दो ने, शहीद रहबर की जीवनी के अंग्रेज़ी संस्करण "सेल नंबर-14" को पढ़ने के बाद, आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई के बारे में कविता कही जिसका अनुवाद इस प्रकार हैः
06/08/2026
इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर के शहादत स्थल के क़रीब, हर साल की तरह इस साल भी अर्बईन की मजलिस का आयोजन हुआ, जिसमें स्टूडेंट्स की अंजुमनों ने शिरकत की।
04/08/2026
शिया जगत के वरिष्ठ धर्मगुरू और इस्लामी जगत के महान नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के शहीदों के लिए शनिवार 18 जुलाई 2026 की शाम को क़ुम में एक मजलिस का आयोजन हुआ।
19/07/2026
शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के शहीदों के पाकीज़ा शव, शुक्रवार 10 जुलाई 2026 की सुबह के वक़्त दफ़्न हुए।
10/07/2026
9 जुलाई 2026 की रात को पवित्र शहर मशहद में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े में, इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई की नमाज़े जनाज़ा संपन्न हो गयी।
09/07/2026
रिपोर्ट मिलने तक इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई का जनाज़ा कर्बला में था। बुधवार 8 जुलाई 2026 की रात को उनका जनाज़ा कर्बला पहुंचा। कर्बला पहुंचने पर, उनके जनाज़े पर फूलों की बारिश की गयी और उनकी शवयात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। क़रीब 11 घंटे की शवयात्रा के बाद, शहीद रहबर का जनाज़ा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े में दाख़िल हुआ।
09/07/2026