आयतुल्लाह आराफ़ीः
इमाम ख़ुमैनी, शहीद रहबर और इस्लामी इंक़ेलाब की आकांक्षाओं के प्रति आख़िरी सांस तक डटे रहेंगे
क़ुम में हज़रत मासूमा के रौज़े में, इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता द्वारा "ईरान के शहीद रहबर" के चेहलुम की मजलिस का आयोजन
19 अगस्त 2026 को इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर के चेहलुम की मजलिस क़ुम में हज़रत मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के रौज़े में आयोजित हुयी।
हज़रत मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के रौज़े में मग़रिब और इशा की नमाज़ के बाद मजलिस का आग़ाज़, क़ारी क़ासिम मुक़द्दमी द्वारा पवित्र क़ुरआन की तिलावत से हुआ।
आयतुल्लाह अली रज़ा आराफ़ी ने मजलिस पढ़ी। उन्होंने कहा कि हज़ारों बरसों के इतिहास में इमाम ख़ुमैनी (रहमतुल्लाह अलैह) और इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रबहर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई की महानता, बेमिसाल है।
इसी तरह उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि शहीद रहबर को क़ौम से मोहब्बत थी और वह चाहते थे कि अज़ीज़ ईरानी क़ौम सबसे आगे रहे।
आयतुल्लाह आराफ़ी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस्लामी इंक़ेलाब के महान नेता के साथ अहद करते हैं कि इमाम ख़ुमैनी, शहीद रहबर और इस्लामी इंक़ेलाब की आकांक्षाओं के प्रति आख़िरी सांस तक डटे रहेंगे। हज़रत मासूमा का रौज़ा "अमरीका मुर्दाबाद", "इस्राईल मुर्दाबाद" के नारों से गूंज उठा।
हाज मोहम्मद रज़ा बज़्री ने नौहा और मर्सिया पढ़ा।
क़ाबिले ज़िक्र है कि इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर के चेहलुम के दूसरे दिन का प्रोग्राम क़ुम में आयोजित हुआ। इससे पहले मंगलवार 18 अगस्त 2026 को तेहरान के इमाम ख़ुमैनी मुसल्ला में आयोजित हुआ था। गुरूवार 20 अगस्त 2026 को चेहलुम का प्रोग्राम पवित्र शहर मशहद में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े में आयोजित होगा।
#आपके_साथ_हमारा_अहद_क़ायम_है
19/08/2026

