इस्लामी इंक़ेलाब के रहबर की वेबसाइट Khamenei.ir ने शहीद रहबर इमाम ख़ामेनेई रहमतुल्लाह अलैह की शवयात्रा में शिरकत के लिए तेहरान आने वाले यमनी प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य, यमन के अहम राजनेता और अंसारुल्लाह आंदोलन के पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद नासिर अलबुख़ैती से एक इंटरव्यू किया जिसे पाठकों की सेवा में पेश किया जा रहा है।
15/10/2026
शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह के बेटे सैयद जवाद नसरुल्लाह ने Khamenei.ir के साथ बातचीत में इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर इमाम ख़ामेनेई की शख़्सियत के मुख़्तलिफ़ पहलुओं पर रौशनी डाली और कहा कि इमाम ख़ामेनेई की शहादत से पूरी दुनिया में जागरुकता की लहर पैदा हुयी। तफ़सीली बातचीत पेश है।
03/08/2026
एक मूल मुद्दा जिस पर बात करने और जिसे पेश करने में हमारे शहीद नेता बहुत दिलचस्पी रखते थे और ख़ास तौर पर महिलाओं के साथ अपनी चर्चा में इस पर बात करना चाहते थे "महिलाओं" का मुद्दा था। मैं उन का एक संक्षिप्त कथन पेश करना चाहती हूं ईरानी महिलाओं की एक सभा में 22 मई 2011 को उन्होंने महिलाओं के संकट के बारे में बात की थी।
11/04/2026
शहीद सुप्रीम लीडर के संबंध में, नए सुप्रीम लीडर की यादें
20/03/2026
राष्ट्रपति मसऊद पेज़ेश्कियान ने Khamenei.ir से एक तफ़सीली इंटरव्यू किया जिसमें उन्होंने मुल्क के अनेक मुद्दों के साथ ही क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मसलों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। राष्ट्रपति के इस इंटरव्यू के एक अहम हिस्से पेश किए जा रहे हैं।
27/12/2025
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई की वेबसाइट Khamenei.ir ने लेबनान के लेखक और राजनैतिक टीकाकार तारिक़ तरशीशी से एक इंटरव्यू किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ज़ायोनी अधिकारी, सन 1948 से ही पूरे फ़िलिस्तीन पर नाजायज़ क़ब्ज़े और ग्रेटर इस्राईल के गठन की कोशिश करते रहे हैं। उनका कहना है कि "टू स्टेट सोल्युशन" सिर्फ़ एक राजनैतिक वहम है और फ़िलिस्तीनी क़ौम को उसके अधिकार दिलाने और मक़बूज़ा इलाक़ों की आज़ादी का सिर्फ़ एक रास्ता है और वह है सशस्त्र रेज़िस्टेंस। इस इंटरव्यू के अहम हिस्से पेश किए जा रहे हैं।
25/11/2025
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई की वेबसाइट Khamenei.ir ने लेबनान के लेखक और राजनैतिक टीकाकार तारिक़ तरशीशी से एक इंटरव्यू किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि ज़ायोनी अधिकारी, सन 1948 से ही पूरे फ़िलिस्तीन पर नाजायज़ क़ब्ज़े और ग्रेटर इस्राईल के गठन की कोशिश करते रहे हैं। उनका कहना है कि "टू स्टेट सोल्युशन" सिर्फ़ एक राजनैतिक वहम है और फ़िलिस्तीनी क़ौम को उसके अधिकार दिलाने और मक़बूज़ा इलाक़ों की आज़ादी का सिर्फ़ एक रास्ता है और वह है सशस्त्र रेज़िस्टेंस। इस इंटरव्यू के अहम हिस्से पेश किए जा रहे हैं।
18/11/2025
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता की वेबसाइट KHAMENEI.IR ने ज़ायोनी सरकार की तरफ़ से थोपी गई हालिया बारह दिवसीय जंग में इस्लामी गणराज्य ईरान की फ़तह और मुल्क का नेतृत्व करने में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता के रोल की व्यापक समीक्षा के लिए "फ़तह की रवायत" शीर्षक के तहत इंटरव्यूज़ का एक सिलसिला शुरू किया है, जिसमें मुल्क के अनेक विभागों के माहिरों से बात की गयी है।
09/09/2025
हिज़्बुल्लाह के कमांडर शहीद फ़ुआद शुक्र की बेटी आदरणीय ख़दीजा शुक्र ने वेबसाइट Khamenei.ir को विशेष इंटरव्यू में अपने पिता, उनके संघर्ष, हिज़्बुल्लाह में उनका शामिल होने, उनके रोल और उनकी शहादत के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने इस इंटरव्यू में कहा कि अगर ज़ायोनी शासन का लक्ष्य हिज़्बुल्लाह का अंत था, तो हालिया तजुर्बे से साबित हुआ कि कमांडरों की शहादत, हथियारों के भंडारों के नेष्ट होने और हिज़्बुल्लाह के बड़ी तादाद में शहीदों, आम नागरिकों को होने वाने नुक़सान के बावजूद, उसका कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। दुश्मन न तो रेज़िस्टेंस को ख़त्म कर पाया और न ही उसके जनाधार को कमज़ोर कर सका। यह हक़ीक़त सैयद हसन के अंतिम संस्कार में साफ़ तौर पर नज़र आयी।
01/08/2025
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 16 जूलाई 2025 को न्यायपालिका के अधिकारियों से मुलाक़ात में कहा, "हालिया थोपी गयी जंग में अवाम ने बड़ा कारनामा अंजाम दिया है। यह बड़ा कारनामा फ़ौजी आप्रेशन नहीं, बल्कि इरादा था, संकल्प था और आत्मविश्वास था। एक वक़्त था, हम से पहले भी और हमारी नौजवानी के ज़माने में भी, इंक़ेलाब से पहले, अमरीका के नाम से ही लोग डर जाते थे, उसका सामना और मुक़ाबला करने की तो बात ही दूर थी। अब वही क़ौम है जो अमरीका की आँख में आँख डालकर खड़ी हो जाती है।"
22/07/2025
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता और आर्म्ड फ़ोर्सेज़ के सुप्रीम कमांडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ज़ायोनी सरकार के हमले के बाद, टीवी से प्रसारित अपने तीसरे संदेश में इस जंग में फ़तह पर ईरान की महान क़ौम को मुबारकबाद पेश करते हुए कहा थाः "इतने शोर-शराबे, इतने दावों के बावजूद, ज़ायोनी शासन इस्लामी गणराज्य के वार से क़रीब क़रीब ढह गया और कुचल दिया गया। यह बात कि इस्लामी गणराज्य की ओर से ऐसे वार मुमकिन है इस शसान पर हों उनके मन में, उनके ख़याल में नहीं आती थी, जबकि ऐसा हुआ। अल्लाह का शुक्रगुज़ार हूं कि उसने हमारी आर्म्ड फ़ोर्सेज़ की मदद की, जो उनके कई परतों वाले विकसित डिफ़ेंस को भेद सकीं और उनके बहुत से नगरीय और सैन्य इलाक़ों को अपने मीज़ाइलों की बौछार से अपने मज़बूत आधुनिक हथियारों से मिट्टी में मिला दिया। यह अल्लाह की बड़ी नेमतों में से एक है।"
15/07/2025