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क्षेत्रीय जंग

अमरीकी जान लें कि अगर इस बार उन्होंने जंग छेड़ी तो यह जंग, क्षेत्रीय जंग होगी। शहीद आयतुल्लाह ख़ामेनेई 1 फ़रवरी 2026

15/03/2026

हुर्मुज़ स्ट्रेट

हुर्मुज़ स्ट्रेट का न तो अमरीका से संबंध है और न ही दुनिया की किसी भी सरकश और मुंहज़ोर ताक़त से संबंध है, बल्कि इस का संबंध इस क्षेत्र की अवाम से है।अगर ऐसा हो कि हमारे हित ख़तरे में पड़ जाएं तो फिर अमरीका और पश्चिमी मुल्कों के हितों के सुरक्षित रहने की क्या वजह हो सकती है?

15/03/2026

विश्व क़ुद्स दिवस की रैली

आज तेहरान सहित पूरे ईरान में रोज़ेदार अवाम ने, विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियों में दसियों लाख की तादाद में शिरकत की और फ़िलिस्तीन के संबंध में अपनी एकता और ज़ायोनी और अमरीकी दुश्मन के मुक़ाबले में अपनी दृढ़ता का एलान किया। तेहरान की रैली की कुछ झलकियां पेश हैं।

13/03/2026

शहीद ख़ामेनेई और फ़िलिस्तीन

फ़िलिस्तीन, ज़िंदा है और उस का जेहाद जारी है और अल्लाह की मदद से वह आख़िरकार दुष्ट दुश्मन पर विजयी होगा। 7 मई 2021

13/03/2026

शहीद ख़ामेनेई और फ़िलिस्तीनः फ़िलिस्तीन, एक मानवीय लक्ष्य

किसी ज़माने में फ़िलिस्तीन का मुद्दा, केवल इस्लामी देशों का मुद्दा था, आज फ़िलिस्तीन और ग़ज़्ज़ा का मामला, एक सर्वाजनिक अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है।

12/03/2026

क्षेत्रीय जंग

अमरीकी जान लें कि अगर इस बार उन्होंने जंग छेड़ी तो यह जंग, क्षेत्रीय जंग होगी। शहीद आयतुल्लाह ख़ामेनेई 1 फ़रवरी 2026

11/03/2026

क्षेत्रीय जंग

अमरीकी जान लें कि अगर इस बार उन्होंने जंग छेड़ी तो यह जंग, क्षेत्रीय जंग होगी। शहीद आयतुल्लाह ख़ामेनेई 1 फ़रवरी 2026

11/03/2026

अमीरुल मोमेनीन की तरह हम दुश्मनों की ज़्यादा तादाद से नहीं डरते

अमरीका से नहीं डरना चाहिए और ईरानी क़ौम नहीं डरती। क़ौम के सभी वर्गों में जो बहादुरी की यह भावना, अल्लाह पर भरोसे और जोश व जज़्बा है, उस से यह क़ौम विजयी होगी, अपने लक्ष्य को हासिल करेगी और दुश्मनों को झुका कर रहेगी। कोई भी दुश्मन, ईरानी क़ौम को उस राह पर चलने से नहीं रोक सकता, जो इस्लाम ने उस के सामने रखी है। बस यह बात याद रखनी चाहिए कि अली बिन अबी तालिब की तरह दुश्मन की ज़्यादा तादाद से डरना नहीं चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 19 जनवरी 1992

11/03/2026

भ्रष्टाचार और ज़ुल्म का द्वीप

बेलगाम यौन संबंध का द्वीप बनाना कोई मामूली बात है? नैतिक भ्रष्टाचार, व्यावहारिक बुराइयां, ज़ुल्म, मुंहज़ोरी, ताक़त का इस्तेमाल, दख़लअंदाज़ी, जो मिले उसे मार देना, जहाँ पर उन का बस चल जाए, जहाँ मुमकिन हो पंजे मारना। इस्लामी क्रांति के शहीद नेता इमाम ख़ामेनेई की 17 जनवरी 2026 की स्पीच का भाग

10/03/2026

तेहरान के इंक़ेलाब स्कवायर पर इस्लामी क्रांति के नए वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह मुज्तबा ख़ामेनेई की बैअत (आज्ञापालन) के लिए अवाम की उमड़ी भीड़

तेहरान के इंक़ेलाब स्कवायर पर इस्लामी क्रांति के नए वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह मुज्तबा ख़ामेनेई की बैअत (आज्ञापालन) के लिए अवाम की उमड़ी भीड़

09/03/2026

सब से घृणित सरकार

आज क्षेत्रीय क़ौमों की नज़र में अमरीका सब से घृणित सरकार है...इलाक़े के लोगों के मज़बूत इरादे से अमरीका को यहाँ से जाना ही पड़ेगा और वो जाएगा। इमाम ख़ामेनेई 17 मई 2025

07/03/2026

शहीदों का रास्ता

शहीद, दुनिया के सब से बड़े सौदे के विजेता हैं। यह रास्ता, वह रास्ता है जिस में कोई डर और दुख नहीं है, ख़ौफ़ और ग़म नहीं है; यह तो अल्लाह का रास्ता है। इस रास्ते पर पूरी दृढ़ता से चलना होता है, इस रास्ते में दुश्मनों के उकसावे से डगमगाना नहीं चाहिए।

05/03/2026

हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा शहीद सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई रिज़्वानुल्लाह अलैहः

ईरानी क़ौम डटी हुयी है, सीना तान कर डट गयी है। दुश्मनी इस वजह से है, लड़ाई इसी वजह से है। उन की बाक़ी बातें (जैसे) मानवाधिकार और इस तरह की दूसरी बातें, बकवास हैं; अस्ल बात यह है। वह ललचायी नज़रें लगाए हुए है, ईरान भी पूरी तरह डटा हुआ है और डटा रहेगा और अल्लाह की कृपा से दुश्मन को दुष्टता और पीड़ा देने से मायूस कर देगा।

05/03/2026

हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा शहीद ख़ामेनेईः

अल्लाह की कृपा से मुल्क यह दिखा देगा कि वह एक ताक़तवर राष्ट्र है और कोई भी ताक़त अपना पूरा ज़ोर लगाकर भी ईरानी राष्ट्र को न तो झुका सकती है और न ही हरा सकती है; महान अल्लाह भी मदद करेगा।

05/03/2026

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता को चुनने वाली असेंब्ली (असेंब्ली ऑफ़ एक्सपर्ट्स) का मतलब इस्लामी सिस्टम के चलने में कोई रुकावट नहीं है

अगर मौजूदा शख़्स नहीं रहा तो असेंब्ली ऑफ़ एक्सपर्ट्स तुरंत क़दम उठाएगी और अगले शख़्स को नियुक्त करेगी।

05/03/2026

क्षेत्रीय जंग

अमरीकी जान लें कि अगर उन्होंने इस बार जंग छेड़ी, तो यह जंग, क्षेत्रीय जंग होगी। इस्लामी क्रांति के शहीद नेता 1 फ़रवरी 2026

05/03/2026

रास्ता, जारी रहना चाहिए...

ऐसे दुख होते हैं जो पहाड़ों को तोड़ देते हैं (लेकिन) मोमिन इंसान को नहीं तोड़ सकते; रास्ता जारी रहना चाहिए।

04/03/2026

काम के साथ कितनी दुआ ज़रूरी है?

पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमायाः ऐ अबूज़र! भले कर्म के साथ दुआ उतनी काफ़ी है, जितना खाने के लिए नमक काफ़ी होता है।

28/02/2026

पश्चिमी सभ्यता का आइसबर्ग

हमने उन के भ्रष्टाचार के बारे में जो कुछ सुना था वह एक तरफ़ और उस बदनाम और भ्रष्ट जज़ीरे का मामला एक तरफ़! ये चीजें वास्तव में पश्चिमी सभ्यता की तस्वीर पेश करती हैं। यह जो हम पश्चिमी सभ्यता, पश्चिम के उदारवादी लोकतंत्र के बारे में बात करते हैं, वह यही है। दो सौ साल, तीन सौ साल काम करते हैं, उसका नतीजा एक ऐसी चीज़ होती है। यह जज़ीरा एक नमूना है, इस तरह की बातें बहुत अधिक हैं। जिस तरह से यह चीज़ प्रकट नहीं थी मगर सामने आ ही गई, उसी तरह बहुत सी दूसरी चीज़ें भी हैं और वे भी सामने आएंगी। इमाम ख़ामेनेई 17 फ़रवरी 2026

25/02/2026

जन्नत मिलने की शर्त

पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमायाः ऐ अबूज़र जन्नत में दाख़िल होना चाहते हो तो अपनी आरज़ूएं कम करो, मौत को हमेशा आँखों के सामने रखो और अल्लाह से हया करो उस तरह जैसा कि हक़ है।

25/02/2026

दूसरों की मौत से सबक़ लेना

पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमायाः ऐ अबूज़र! जब तुम जनाज़े के जुलूस में शामिल हो, तो अपना मन ग़ौर व फ़िक्र में लगाओ और विनम्र रहो। और जान लो कि तुम भी उससे मिल जाओगे।

24/02/2026

47 साल से इस्लामी गणराज्य को ख़त्म नहीं कर पाए, तुम भी यह काम नहीं कर पाओगे

अमरीकी राष्ट्रपति ने अपने हालिया एक बयान में कहा है कि 47 साल हो चुके कि अमरीका इस्लामी गणराज्य को ख़त्म नहीं कर पाया। यह अच्छा एतेराफ़ है। मैं कह रहा हूं: तुम भी यह काम नहीं कर पाओगे।

23/02/2026

क़ुरआन की रौशनी में: ऐतिहासिक घटनाओं वाले दिनों की याद को बाक़ी रखना क़ुरआन की परंपरा है

निश्चित तौर पर असत्य पर चलने वाले गिरोहों का लक्ष्य 'अय्यामुल्लाह' पर पर्दा डालना या इस तरह के वाक़यात के रंग को फीका बना देना है। (वो चाहते हैं कि) 11 फ़रवरी (इस्लामी इंक़ेलाब की सालगिरह) के दिन को छिपा दें, 3 नवंबर (अमरीकी जासूसी के अड्डे पर क़ब्ज़े) के दिन को, 9 जनवरी (11 मोहर्रम को क़ुम के अवाम के क़त्ले आम) के दिन को, 29 दिसंबर के (यादगार) दिन को और 17 फ़रवरी तबरेज़ की घटना के दिन को, शहीद सुलैमानी के जनाज़े के जुलूस के दिन को, शहीद होजजी के जनाज़े के जुलूस के दिन को, जो सबके सब 'अय्यामुल्लाह' (ऐतिहासिक दिन) हैं, मिटा दें और इतिहास से ख़त्म कर दें। इनमें हर दिन एक मशाल है जिसे असत्य के मोर्चे की नज़र में बुझा दिया जाना चाहिए। यह क़ुरआन मजीद की शिक्षाओं के ख़िलाफ़ है। क़ुरआन ने इस तरह के दिनों की याद और ज़िक्र को बाक़ी रखने का हुक्म दिया है। "ऐ पैग़म्बर! इस किताब में मरयम का ज़िक्र कीजिए जब वो अपने घरवालों से अलग होकर (बैतुल मुक़द्दस) के एक पूर्वी मक़ाम पर गयीं" (सूरए मरयम, आयत-16) हज़रत मरयम का अहम वाक़ेया भुलाया नहीं जाना चाहिए। इसे इतिहास में बाक़ी रहना चाहिए। शायद दस से ज़्यादा बार क़ुरआन में इस तरह आया हैः 'याद करो, याद करो...' यह क़ुरआन का तरीक़ा है। इमाम ख़ामेनेई 09/01/2023

23/02/2026

नमाज़ और इबादत में, ध्यान और ग़ौर व फ़िक्र की अहमियत

पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमायाः ऐ अबूज़र! दो रकत नमाज़ ध्यान और ग़ौर व फ़िक्र के साथ, उस रात भर की नमाज़ से बेहतर है जिस में दिल ग़ाफ़िल हो।

22/02/2026

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