मुसलमान मोमिन के शव से संबंधित ज़रूरी संस्कारों में से एक "नमाज़े मय्यत" है। शव को ग़ुस्ल देने और कफ़न पहनाने के बाद, मोमिन मुसलमानों का एक समूह क़िब्ले की ओर रुख़ करके खड़ा होता है इस हालत में कि मोमिन का शव उसके सामने रखा होता है और उस पर नमाज़े मय्यत पढ़ता है। यह नमाज़ दुआओं पर आधारित है कि जिसकी विषयवस्तु दुनिया से चले गए मोमिन के स्थान को ऊंचा करने के लिए अल्लाह से दुआ पर आधारित है।
10/07/2026
अवाम, एसिमेट्रिकल जंग और भूराजनीति। अगर हम साइंटिफ़िक, सैन्य और डिफ़ेंस मैग्ज़ीनों में डॉक्टर ग़ुलाम अली रशीद के लेख पढ़े हों तो इन तीन शब्दावलियों का इस्तेमाल सब से ज़्यादा पाएंगे।
15/06/2026
ऐसी स्थिति में जब कश्मीर की बहुत सी महिलाओं के पास बचत के तौर पर सोने का एक भी ज़ेवर नहीं है, औरतों, लड़कियों यहाँ तक कि छोटी बच्चियों की ऐसी लाइनें बन गयीं जो अपनी सब से क़ीमती संपत्ति ईरान और ईरानी अवाम को दान कर रही हैं।
01/04/2026
एप्सटीन के मुख़्तलिफ़ घिनौने रूपः महिलाओं के ख़िलाफ़ अमरीका की जंग से इमाम ख़ामेनेई की हत्या तक, शीर्षक के तहत एक लेख पेश हैः
27/03/2026
Voice_of_Iran के नए इश्यू का एडिटोरियल पेश है, जिसका शीर्षक हैः एप्स्टीन आइलैंड के बच्चों के हत्यारे; ग़ज़ा पट्टी से मिनाब तक
05/03/2026
दुश्मन के हमले की स्थिति में ईरान की रणनीति क्या होगी? सदाए ईरान अख़बार के संपादकीय में इस सवाल का जवाब पेश है।
24/02/2026
एप्सटीन द्वीप पर सुनियोजित अपराध के केस सिर्फ़ एक यौन रुसवाई या कुछ पैसे वालों के यौन दुराचार का मामला नहीं है, बल्कि यह केस अब पश्चिमी मानवाधिकार के नज़रिए की कभी न भुलाई जाने वाली आलोचना में एक संपूर्ण दस्तावेज़ बन चुका है। जहाँ पश्चिम के राजनेता, पूंजीपति, मीडिया सेलिब्रेटीज और विद्वानों का एक नेटवर्क, जो बरसों तक ख़ुद को मानवाधिकार और महिला अधिकार का संरक्षक बताता रहा है, आज यौन उत्पीड़न, लड़कियों की स्मगलिंग और यौन दासता की सबसे घिनौनी पृष्ठिभूमि में से एक में, उन का नाम सीधे तौर पर या इंडायरेक्ट तौर पर सामने आ चुका है। जो कुछ दस्तावेज़ प्रकाशित हुए हैं, फ़्लाइट्स की लिस्ट और बाक़ी तस्वीरों से ज़ाहिर होता है, वह सिर्फ़ यौन भ्रष्टाचार का एक नेटवर्क नहीं बल्कि उस सिस्टम की वास्तवकि तस्वीर है जो कई दशकों से महिला अधिकार और आज़ादी के संरक्षक होने का दावेदार रहा है।
24/02/2026
सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता राष्ट्रीय विकास के सबसे अहम इंडीकेटर्ज़ में से एक है। यह एक ऐसा इंडीकेटर है जो न केवल आम जनता के जीवन की गुणवत्ता को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक न्याय स्थापित करने और लोगों को सेवाएं प्रदान करने में सरकारों की कार्यक्षमता को भी दिखाता है। आज ईरान में चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र की स्थिति की जांच और इस्लामी क्रांति से पहले की स्थितियों से तुलना से पता चलता है कि इस्लामी गणराज्य न केवल स्वास्थ्य इंडीकेटर्ज़ को बेहतर बनाने में सफल रहा है, बल्कि उसने इतिहास के सबसे कठिन प्रतिबंधों के बीच चिकित्सा में न्याय और आत्मनिर्भरता का एक कारगर मॉडल भी प्रस्तुत किया है। यह एक ऐसा बड़ा बदलाव है जिसे पश्चिम के दावों के विपरीत, ठोस आंकड़ों से भी साबित किया जा सकता है।
08/02/2026
इंसानियत को मुक्तिदाता की ज़रूरत "इंसानियत की तारीख़ में शायद ही कोई ऐसा दौर गुज़रा हो जब समाज का हर शख़्स, पूरी दुनिया में मानव समाज में, इंसानियत के मुक्तिदाता की ज़रूरत को इतना महसूस किया गया हो जितना आज महसूस किया जा रहा है...एक मुक्तिदाता की ज़रूरत का एहसास, इमाम महदी की ज़रूरत के एहसास, अल्लाह की हिमायत रखने वाली एक ताक़त का एहसास, एक मासूम इमाम की ज़रूरत का एहसास, इसमत (हर गुनाहों व ऐबों से पाक होने) और अल्लाह की ओर हिदायत की ज़रूरत का एहसास; इतिहास में कम ही दौर ऐसे होंगे जब इंसान में इस आला हक़ीक़त की ज़रूरत के ये सब जज़्बे मौजूद रहे हों।" (20 अप्रैल 2020)
03/02/2026
पृष्ठिभूमि ईरान की संप्रभुता पर संयुक्त राज्य अमरीका और ज़ायोनी शासन की हालिया हिंसक आक्रामकता, इस्लामी गणराज्य ईरान के ख़िलाफ़ चल रही हाइब्रिड जंग को और तीव्र करने की एक नई पहल है। इस ऑपरेशन का एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में विश्लेषण किया जाना चाहिए, जो सैन्य आक्रमण और टार्गेट किलिंग, दमनकारी आर्थिक प्रतिबंधों, निरंतर मनोवैज्ञानिक ऑप्रेशन, व्यापक झूठी खबरों के प्रसार और फिर से सैन्य कार्रवाई की लगातार धमकियों और पिछली कार्रवाइयों पर आधारित है। ये साम्राज्यवादी रणनीतियाँ मिलकर ईरान के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में अस्थिरता और तनाव का माहौल बनाती हैं; एक ऐसा माहौल जो लोगों के दैनिक जीवन और रोज़गार, साथ ही राष्ट्रीय एकता को गहराई से प्रभावित करता है।
01/02/2026
हाल के हफ्तों में, कई अमरीकी अधिकारियों ने ईरान को अलग-अलग धमकियां देने के लिए अलग-अलग तरीक़े अपनाए हैं। इन धमकियों के जवाब में, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के अधिकारियों के कड़े जवाब के अलावा, पश्चिम एशियाई क्षेत्र में भी ईरान के लिए सपोर्ट की एक बड़ी लहर उठी है।
31/01/2026