ज़ायोनी, फ़िलिस्तीन में इस्लामी आस्था का मुसलमसल अनादर करते हैं, मस्जिदुल अक़्सा पर ज़ायोनियों के हमले से हर मुसलमान के दिल को चोट पहुंचती है, ऐसे ज़ुल्म पर एक ग़ैरतमंद क़ौम का रिएक्शन क्या होगा? ज़ाहिर सी बात है कि वह तूफ़ान बरपा कर देगी।
07/02/2026
फ़िलिस्तीन के मक़बूज़ा इलाक़ों पर ईरान की ओर से पहली बार मीज़ाईल बरसाए जाने के कुछ ही दिन के अंदर ज़ायोनी शासन के कमज़ोर होने की निशानियां ज़ाहिर हो गयीं।
07/02/2026
दुनिया में जो भी चाहे मुसलमान हो या ग़ैर मुसलमान अगर फ़िलिस्तीन के वाक़ए की हक़ीक़त को जान लेगा तो क़ाबिज़ शासन के ख़िलाफ़ हो जाएगा, उससे मुक़ाबला करेगा। फ़िलिस्तीनी क़ौम का व्यापक संघर्ष तब तक जारी रहना चाहिए जब तक वे लोग, जिन्होंने फ़िलिस्तीन पर नाजायज़ क़ब्ज़ा कर रखा है, फ़िलिस्तीनी क़ौम की राय के सामने झुक न जाएं।
07/02/2026
अल्लाह मोमिनों का अज्र कभी बर्बाद नहीं करता... मुनाफ़िक़ों ने कहा कि सब तुम्हारे ख़िलाफ़ हो गए हैं, तो उन से डरो। तो उस बात ने उन के ईमान में और इज़ाफ़ा कर दिया। और उन्होंने कहा कि हमारे लिए अल्लाह काफ़ी है और वह बड़ा अच्छा कारसाज़ है।
07/02/2026