इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई ने मुजाहिद व शहीद इमाम की शवयात्रा में कारनामा अंजाम देने पर इराक़ी क़ौम की क़द्रदानी पर आधारित बयान जारी किया है, जो इस प्रकार हैः
18/07/2026
इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता ने, शहीद रहबर की शवयात्रा में महान ईरानी क़ौम के अज़ीम कारनामे के सिलसिले में एक बयान जारी किया जो इस प्रकार हैः
18/07/2026
इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई ने एक पैग़ाम जारी करके "ईरान के शहीद रहबर" के जनाज़े के जुलूस में ईरान और इराक़ के करोड़ों लोगों की शिरकत का दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा किया और उम्मत के शहीद इमाम को मुख़ातिब करते हुए, बल देकर कहा कि हम अहद करते हैं कि आप और इन दो जंगों के तमाम शहीदों के पाकीज़ा ख़ून का बदला मुजरिमों और ज़लील क़ातिलों से लेकर रहेंगे। यह बदला, हमारी क़ौम का मुतलबा है और इसे निश्चित तौर पर पूरा होना चाहिए। ये अपराधी, जिन के बड़ों और छोटों सब की लिस्ट मौजूद है, बिस्तर पर सुकून की मौत की आरज़ू अपनी क़ब्र में लेकर जाएंगे।
11/07/2026
आयतुल्लाह मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई ने एक आदेश जारी कर, न्यायपालिका प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वलमुस्लेमीन मोहसिनी एजई को, इस ओहदे पर दोबारा नियुक्ति किया।
06/07/2026
रहबरे इंक़ेलाब आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई ने रविवार 28 जून 2026 को न्यायपालिका सप्ताह और शहीद बहिश्ती व उनके साथियों की शहादत के दिन के उपलक्ष्य में एक संदेश जारी किया, जिसमें मौजूदा हालात, मीनाब और लामेर्द समेत पूरे देश में अमरीका और ज़ायोनी सरकार के युद्ध अपराधों और कुछ दूसरे अहम मुद्दों पर रौशनी डाली गई है।
02/07/2026
इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई ने, ईरान और अमरीका के राष्ट्रपतियों के दरमियान हस्ताक्षरित सहमति पत्र के संबंध में ईरान की वफ़ादार और पुरजोश क़ौम के नाम पैग़ाम में कहा, "सैद्धांतिक तौर पर मेरा अलग नज़रिया था लेकिन सम्मानीय राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च परिषद के प्रमुख के बतौर और ईरानी क़ौम के अधिकारों की रक्षा में अपनी अन्य सदस्यों की तरफ़ जो वचन मुझे दिया है और इस से संबंधित ज़िम्मेदारी को साफ़ तौर पर क़ुबूल किया है, उसकी बुनियाद पर मैंने इस की इजाज़त दे दी। इस लम्हे से हम यानी आप सरबुलंद क़ौम और इस नाचीज़ सेवक का वर्णित शर्तों के व्यावहारिक होने का इंतेज़ार शुरू हो गया है।"
18/06/2026
आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई ने एक पैग़ाम में, इराक़ के पवित्र शहर नजफ़ में वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह शैख़ इस्हाक़ फ़य्याज़ के निधन पर, सांत्वना पेश की और उन की इल्म, धार्मिक शिक्षा देने और प्रवचन के मैदान में सेवाओं की सराहना करते हुए, इस नुक़सान पर पवित्र शहर नजफ़ के उच्चस्तरीय मदरसों, उन के अनुयाइयों और श्रद्धालुओं, अफ़ग़ान क़ौम और उन के घर वालों की सेवा में सांत्वना पेश की।
11/06/2026
ईदे ग़दीर, इस्लामी गणराज्य ईरान के संस्थापक हज़रत इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह की 37वीं बरसी और इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनेई के नेतृत्व की सालगिरह पर, इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनेई ने बयान जारी किया, जो इस प्रकार है।
04/06/2026
आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई ने 7 ख़ुर्दाद बराबर 28 मई 1980 को इस्लामी गणराज्य ईरान की पहली संसद के गठन की सालगिरह के मौक़े पर, मुल्क को तरक़्क़ी की राह पर ले जाने में सांसदों, ख़ास तौर पर संसद सभापति की कोशिशों की सराहना के साथ ही, क़ौम के वास्तविक प्रतिनिधि को, अवाम के बीच से निकलने वाला बताया और कहा कि जान क़ुरबान करने के लिए तैयार हर वह शख़्स जिस का दिल इस्लाम और इंक़ेलाब या ईरान की स्वाधीनता और सरबुलंदी के लिए, धड़क रहा है, अब से क़ौम की सुव्यवस्थित और जुड़ी हुयी पंक्तियों की एकता की रक्षा के लिए पहले से ज़्यादा कोशिश करे, अनुचित या उचित मतभेदों को विवाद और फूट में न बदले और अपनी करनी और कथनी में क़ौम की एकता का प्रतीक हो।
28/05/2026
इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता की ओर से इस साल 1447 हिजरी क़मरी का हज का पैग़ाम, जारी हुआ जिसे मुशरिकों से बेज़ारी के प्रोग्राम में, हज व ज़ियारत के मामलों में इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने पढ़कर सुनाया।
26/05/2026
पूर्व राष्ट्रपति शहीद इब्राहीम रईसी और उन के साथियों की शहादत की बरसी पर, इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनेई ने बयान जारी किया है, जो इस प्रकार हैः
20/05/2026
इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनेई ने, जनसंख्या के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ताओं की ओर से मोहब्बत के एहसास और इस्लामी इंक़ेलाब के महान रहबर की शहादत पर सांत्वना संदेश पर आधारित ख़त के जवाब में, आबादी बढ़ाने के मिशन और इस्लामी ईरान की ताक़त और सभ्यता से उस के संबंध की ओर इशारा किया और जनसंख्या के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ताओं पर बच्चे पैदा करने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए दिन ब दिन कोशिश बढ़ाने पर बल दिया।
19/05/2026