ख़ामेनेई, सैयद अली पुत्र सैयद जवाद, इस्लामी क्रांति के दूसरे सुप्रीम लीडर ईरान की इस्लामी क्रांति के दूसरे सुप्रीम लीडर सैयद अली ख़ामेनेई पुत्र सैयद जवाद (पैदाइशः 19 अप्रैल 1939 ईसवी / 29 फ़रवरदीन 1318 हिजरी शमसी / 28 सफ़र 1358 हिजरी क़मरी)
29/06/2024
23/02/2022
15 साल बाद हवाई अड्डे पर इमाम ख़ुमैनी से आयतुल्लाह ख़ामेनेई की मुलाक़ात के यादगार पल
01/02/2022
इस्लामी क्रान्ति की सफलता की दूसरी सालगिरह पर ईरान की इस्लामी प्रचार की सुप्रीम काउंसिल के फ़ैसले के मुताबिक़, इस्लामी गणराज्य से दुनिया के अनेक देशों के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजे गए ताकि वे दूसरे राष्ट्रों ख़ास तौर पर मुसलमानों को इस्लामी गणराज्य के नज़रिये और इस्लामी क्रांति की विशेषताओं की जानकारी दें।
20/10/2021
मैं कई बार इस बात का ज़िक्र कर चुका हूं कि अमरीका जो भी फ़ाइटर जेट और दूसरे साधन बेचता था, उनके बारे में यह शर्त लगाता था कि किसी भी तरह की मरम्मत और रिपेयरिंग ख़ुद अमरीकी करेंगे, हमें पुर्ज़ों को हाथ लगाने की इजाज़त नहीं थी।
20/10/2021
शाह के काल में क़ुरआन और उसकी व्याख्या की क्लास में जो नौजवान आया करते थे, मैं उनसे कहा करता था कि अपनी जेब में एक क़ुरआन रखा कीजिए, जब भी वक़्त मिले या किसी काम के इंतेज़ार में रुकना हो तो एक मिनट, दो मिनट, आधा घंटे क़ुरआन खोलिए और तिलावत कीजिए ताकि इस किताब से लगाव हो जाए।
20/10/2021
जनरल हेजाज़ी ने दिसंबर 2020 में एक बातचीत का हवाला दिया जिसमें जनरल क़ासिम सुलैमानी की शख़्सियत का एक ख़ास पहलू सामने आया जिसे आम तौर पर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। वह है उनकी संवाद की क़ाबिलियत।
20/10/2021