वो अपने आस पास के लोगों, अपने बच्चों अपने परिवार के सदस्यों से मोहब्बत का इज़हार करते थे, यहाँ तक कि दूसरों के प्रति उनके मन में जो गहरा स्नेह था, उसे साफ़ तौर पर व्यक्त करते थे। अपने दफ़्तर से लौटने के बाद जब वो घर में होते, तो अपनी फ़ैमिली के सदस्यों से बात करते थे और परिवार वाले उनसे निकटता का एहसास करते थे।
15/09/2026