हुज्जतुल इस्लाम वलमुस्लेमीन अली अलीज़ादेः
अवाम को बौद्धिक लेहाज़ से फ़ितनों की समझ के स्तर तक विकसित करना, "ईरान के शहीद रहबर" का कमाल
पवित्र शहर मशहद में "ईरान के शहीद रहबर" का चेहलुम संपन्न
इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता की ओर से गुरूवार 20 अगस्त 2026 को, पवित्र शहर मशहद में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े में "ईरान के शहीद रहबर" की चेहलुम की मजलिस आयोजित हुयी। मजलिस का आग़ाज़ पवित्र क़ुरआन की तिलावत से हुआ।
मजलिस से पहले हाज अमीर आरिफ़ ने मशहूर ज़ियारत "ज़ियारत अमीनुल्लाह" पढ़ी।
हुज्जतुल इस्लाम वलमुस्लेमीन अली अलीज़ादे ने "ईरान के शहीद रहबर" के चेहलमु और इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम की शहादत की पूर्व संध्या की मजलिस पढ़ी। उन्होंने अपनी मजलिस में 'विलायत' की अहमियत पर रौशनी डाली। इसी तरह उन्होंने अवाम को बौद्धिक लेहाज़ से फ़ितनों की समझ के स्तर तक विकसित करना, "ईरान के शहीद रहबर" का कमाल बताया।
"ईरान के शहीद रहबर" के चेहलुम की सभा के अंत में, इमाम हसन असकरी अलैहिस्सलाम और इमाम महदी अलैहिस्सलाम (अल्लाह उन्हें जल्द से जल्द ज़ाहिर करे) से तवस्सुल किया गया।
मजलिस के दौरान, श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में लाल रंग का परचम उठाते हुए "ईरान के शहीद रहबर" के ख़ून का बदला लेने का नारा लगाया। नारे की आवाज़ से पूरा स्थल गूंजने लगा।
मशहूर नौहाख़ान हाज मीसम मुतीई ने नौहा पढ़ा।
मशहद में "ईरान के शहीद रहबर" के चेहलुम की मजलिस में उनके तीन बेटे शरीक हुए।
क़ाबिल ज़िक्र है कि "ईरान के शहीद रहबर" के चेहलुम की पहली मजलिस मंगलवार 18 अगस्त 2026 को तेहरान के इमाम ख़ुमैनी मुसल्ला में, दूसरी मजलिस बुधवार 19 अगस्त 2026 को क़ुम में हज़रत मासूमा के रौज़े में और तीसरी मजलिस गुरूवार 20 अगस्त 2026 को पवित्र शहर मशहद में इमाम रज़ा के रौज़े में आयोजित हुयी, जहाँ इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई का मज़ार है।
20/08/2026

