लेबनान के बालबक शहर में किताब "रवायते आग़ा" के अरबी नुस्ख़े "हेकायतुस्सैयद" का अनावरण, बेक़ा के ओलमा और स्थानीय शख़्सियतों की शिरकत

लेबनान के बालबक शहर में किताब "रवायते आग़ा" के अरबी नुस्ख़े "हेकायतुस्सैयद" का अनावरण, बेक़ा के ओलमा और स्थानीय शख़्सियतों की शिरकत

इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की तक़रीरों और तहरीरों के संरक्षण व प्रकाशन विभाग ने "इमाम ख़ुमैनी सांस्कृतिक केन्द्र संघ" के सहयोग से, किताब "रवायते आग़ा" की अरबी प्रति "हेकायतुस्सैयद" का लेबनान के बालबक शहर में हज़रत सैयदा ख़ौला (स) के रौज़े में अनावरण किया गया. जिस में बेक़ा के ओलमा और सांस्कृतिक और सार्वजनिक शख़्सियतों ने शिरकत की। यह किताब इमाम शहीद ख़ामेनेई की अपने पिता से जुड़ी यादों के बारे में है।

किताब की रिलीज़ के प्रोग्राम को लेबनान में इमाम ख़ुमैनी सांस्कृतिक केन्द्र संघ के अधिकारी हुज्जतुल इस्लाम शैख़ नज़ार सईद ने ख़िताब किया। उन्होंने ईदे ग़दीर और इस्लामी इंक़ेलाब के संस्थापक के निधन और इस्लामी क्रांति के शहीद रहबर के नेतृत्व के आग़ाज़ की घटनाओं के एक साथ पड़ने की तरफ़ इशारा किया और कहा कि ये सभी घटनाएं 'विलायत' के विषय के तहत एक दूसरे से जुड़ी हुयी हैं। उसके बाद इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की तक़रीरों और तहरीरों के संरक्षण व प्रकाशन विभाग के प्रतिनिधि सैयद कुमैल बाक़िरज़ादे ने समारोह को संबोधित किया जिस में उन्होंने किताब "हेकायतुस्सैयद" की ख़ुसूसियतों और शहीद रहबर की शख़्सियत के निर्माण में घरेलू और ऐतिहासिक पृष्ठिभूमि के कुछ हिस्से का परिचय कराने में इस किताब की अहमियत के बारे में बात की। 

दूसरी ओर बेक़ा में हिज़्बुल्लाह के प्रचारिक व सांस्कृतिक मामलों के अधिकारी हुज्जतुल इस्लाम शैख़ तामिर हम्ज़ा ने भी इस समारोह को ख़ेताब किया जिस में उन्होंने 'विलायत' के विषय को क़ुरआनी पृष्ठिभूमि में बयान किया और इसे हिज़्बुल्लाह और "वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व" के बीच संपर्क की हक़ीक़त को बयान करने वाला बताया। यह समारोह, शायर और लेबनानी सांसद डॉक्टर ईहाब हम्मादा के शेर से संपन्न हुआ। 

ग़ौरतलब है कि किताब "हेकायतुस्सैयद" इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की तक़रीरों और तहरीरों के संरक्षण व प्रकाशन विभाग की अरबी शाखा की ओर से प्रकाशित सब से ताज़ा किताब है। यह किताब शहीद रहबर के वालिद व उस्ताद आयतुल्लाह सैयद जवाद ख़ामेनेई की ज़िंदगी, शख़्सियत और आचरण के बारे में है जिसे ख़ुद शहीद इमाम ख़ामेनेई ने अपनी ज़बान से बयान किया है। यह किताब शहीद इमाम सैयद अली ख़ामेनेई की शख़्सियत के निर्माण में तरबियत और अध्यात्म के प्रभावी पहलुओं को उजागर करती है।

11/06/2026

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