इस्लामी गणराज्य दिवस और प्रकृति दिवस के संबंध में इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता का बयान
इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनेई ने इस्लामी गणराज्य दिवस और प्रकृति दिवस के संबंध में बयान जारी किया है।
बिस्मिल्लाह अर्रहमान अर्रहीम
उसी ने तुम्हें ज़मीन से पैदा किया और उसी में तुम्हें आबाद किया...(सूरए हूद, आयत-61)
ईरान की चैंपियन क़ौम ने इस साल के नौरोज़ को शौर्य और ग़ैरत से सुशोभित किया है और 1 अप्रैल को इस्लामी गणराज्य दिवस मनाने के बाद प्रकृति दिवस मनाएंगी। इस वक़्त जब निर्दयी अमरीकी और ज़ायोनी दुश्मन अपनी दरिंदगी में किसी भी मानवीय, नैतिक और सैद्धांतिक हद को नहीं मानता और उस ने हमारे अज़ीज़ मुल्क की प्रकृति और पर्यावरण की जगहों पर हमले भी किए हैं और उन्हें नुक़सान पहुंचाया है तो ईरान को अधिक आबाद करने और मुल्क के उज्जवल भविष्य के निर्माण को बढ़ावा देने की राह में उठाया गया हर क़दम अच्छा और ज़रूरी है। उन पसंदीदा कामों में से एक यह है कि हर शहर और हर गांव के सभी लोग एक दूसरे की मदद और संबंधित विभागों के सहयोग और समन्वय से, प्रकृति दिवस से लेकर बहार के आख़िरी दिन तक ख़ास तौर पर फ़रवरदीन महीने के बाक़ी बचे दिनों (21 अप्रैल) तक फलदार पेड़ लगाने और आगे चलकर उन की ज़रूरी देखभाल के लिए क़दम उठाएं।
बच्चों के हत्यारे अमरीका और ज़ायोनी शैतानों ने शजर-ए-तैयबा स्कूल के बच्चों और बच्चियों को बर्बरतापूर्ण तरीक़े से शहीद किया लेकिन ईरानी क़ौम सभी शहीदों ख़ास तौर पर तीसरी थोपी गयी जंग के शहीदों की नीयत से अपनी विशाल सरज़मीन में उम्मीद के पौधे लगाएगी ताकि उन में से हर पौधा, अगले बरसों में एक शजर-ए-तैयबा और फलदार पेड़ बन जाए, इंशाअल्लाह।
सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई
1 अप्रैल 2026
01/04/2026

