इस्लामी इंक़ेलाब के नेताः
पूरी ताक़त से दुश्मन के मुक़ाबले में डट जाएंगे और अवाम के सपोर्ट से उसे धूल चटा देंगे
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने, अमीरुल मोमेनीन हज़रत अली अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस और शहीद क़ासिम सुलैमानी, अबू महदी अलमुहन्दिस और उनके साथियों की शहादत की छठी बरसी पर शनिवार 3 जनवरी 2026 की सुबह, तेहरान के इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में, 12 दिवसीय जंग के शहीदों के घर वालों से मुलाक़ात की।
उन्होंने अमीरुल मोमेनीन अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस को इतिहास में अद्वितीय दिन बताया और कहाः उनकी बेनज़ीर ख़ुसूसियतों में, आज हमें उनकी दो ख़ुसूसियतों "न्याय और परहेज़गारी" की सब से ज़्यादा ज़रूरत है।
आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने पिछले हफ़्ते व्यवसाइयों के प्रदर्शन की ओर इशारा करते हुए कहा कि बाज़ार और व्यवसायी, इस्लामी सिस्टम और इंक़ेलाब के सब से वफ़ादार वर्गों में हैं इसलिए बाज़ार और व्यवसायी के नाम पर इस्लामी गणराज्य से टकराया नहीं किया जा सकता।
उन्होंने राष्ट्रीय मुद्रा की क़ीमत में गिरावट पर, जो कारोबार में अस्थिरता का कारण बनती है, व्यवसाइयों के एतेराज़ को सही ठहराया और कहाः व्यवसायी सही कह रहे हैं कि इन हालात में व्यवसाय नहीं किया जा सकता; इस बात को देश के अधिकारी भी मानते हैं और माननीय राष्ट्रपति और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी इस मुश्किल को हल करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने कहा, जो बात अस्वीकार्य है वह कुछ उकसाए गए लोगों या दुश्मन के किराए के टट्टुओं का व्यवसाइयों की आड़ लेना और इस्लाम, ईरान और इस्लामी गणराज्य के ख़िलाफ़ नारे लगाना है।
आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इस बात पर बल देते हुए कि एतेराज़ सही है लेकिन एतेराज़, उपद्रव से अलग है, कहाः अधिकारी, एतेराज़ करने वालों से बात करें लेकिन उपद्रवियों से बात करने का कोई फ़ायदा नहीं है बल्कि उन्हें उनकी जगह पर बिठाना चाहिए।
उन्होने कहाः कुछ लोग, अनेक शीर्षक के तहत, अनेक नामों से विध्वंस करने, मुल्क को अशांत करने के लिए मोमिन, सही और इंक़ेलाबी व्यापारी की आड़ लें और उनके एतेराज़ का दुरुपयोग करें, उपद्रव करें, किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने दुश्मन के ज़ोर ज़बरदस्ती वाले क़दम की ओर इशारा करते हुए कहाः जब इंसान यह महसूस करे कि दुश्मन ज़बरदस्ती एक चीज़ मुल्क, अधिकारियों, सरकार और क़ौम पर थोपना चाहता है तो पूरी ताक़त से दुश्मन के ख़िलाफ़ डट जाना चाहिए और मुक़ाबला करना चाहिए।
उन्होंने कहाः हम दुश्मन के आगे नहीं झुकेंगे, हम अल्लाह के सहारे और अवाम के सपोर्ट से इंशाअल्लाह, अल्लाह की तौफ़ीक़ से दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने मुल्क के एक एक शख़्स और ख़ास तौर पर अधिकारियों पर अमीरुल मोमेनीन के रास्ते का पालन करने पर बल देते हुए कहाः हज़रत अली का न्याय, मुल्क की सबसे अनिवार्य और गंभीर ज़रूरत है और आज हमारे पास, शियों के पूरे इतिहास में न्याय के लागू न होने और उसे लागू करने के लिए पैरवी न करने का कोई बहाना नहीं; क्योंकि सरकार "इस्लामी गणराज्य और अलवी सिस्टम" है।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम के पैग़म्बरे इस्लाम और अपने शासन काल की सभी सैन्य लड़ाइयों में विजयी होने की ओर इशारा करते हुए कहाः हारे हुए दुश्मन की लोगों को धोका देने और उन्हें क़दम उठाने से रोकने के लिए मुख़्तलिफ़ शैलियां, बहुत से मौक़ों पर इमाम अली अलैहिस्सलाम के लक्ष्य के पूरा होने की राह में रुकावट बनीं।
उन्होंने, अफ़वाह फैलाने, झूठ, फ़रेब, घुसपैठ और इसी तरह की शैलियों को कि जिसे आज के दौर में सॉफ़्ट वॉर कहा जाता है, हज़रत अली अलैहिस्सलाम के दुश्मनों की, उस दौर के समाज को दिशाहीन करने और उस के भीतर संदेह पैदा करने की नीति बताया और कहाः जब लोग सुस्त पड़ जाएं तो लक्ष्य हासिल करना नामुमकिन हो जाता है क्योंकि अल्लाह की परंपरा के मुताबिक़, काम अवाम के हाथ में है और उन्हीं के ज़रिए अंजाम पाता है।
आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने सॉफ़्ट वॉर में दुश्मन के लक्ष्यों में, लोगों को दिशाहीन और नाउम्मीद करना और राष्ट्र के भीतर संदेह पैदा करना गिनवाया और कहाः जिस तरह अमीरुल मोमेनीन के दौर में अफ़वाह और झूठ के ज़रिए अवाम को भ्रमित करने की कोशिश थी, आज भी ठीक वैसा ही काम किया जा राह है; अलबत्ता ईरान की क़ौम ने दर्शा दिया है कि वह कठिन मैदानों की क़ौम है और जहाँ भी उसकी भागीदारी और मदद की ज़रूरत है वह डट जाती है और दुश्मन को मायूस कर देती है।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने एक दिन में स्पेस में तीन स्टैलाइट के भेजे जाने और स्पेस, बायोटेक्नॉलोजी, मेडिकल साइंस, नैनो टेक्नॉलोजी, रक्षा और मिज़ाईल उद्योगों में हैरत अंगेज़ तरक़्क़ी को ईरानी क़ौम और उस की मेधावी और उपयोगी जवान नस्ल के कारनामों के नमूने बताया।
आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 12 दिवसीय जंग को रुकवाने के लिए दुश्मन की दरख़ास्त की ओर इशारा करते हुए कहाः जो तत्व दुश्मन की ओर से जंग रोकने की दरख़ास्त दिए जाने और उसके बाद यह संदेश दिए जाने का कारण बना कि हम आप से जंग लड़ना नहीं चाहते, ईरानी क़ौम की ताक़त और क्षमता है।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने आगे कहाः अलबत्ता हम दुष्ट, धोखेबाज़ और झूठे दुश्मन की बात पर भरोसा नहीं करते। अवाम ने 12 दिवसीय जंग में ख़ुद अमरीका की अस्लियत देख ली। यहाँ तक कि वे लोग भी जो मुल्क की मुश्किलों के हल के लिए उस के साथ वार्ता को ज़रूरी समझते थे, उन्हें भी यह बात समझ में आ गयी कि वार्ता के दौरान, अमरीकी सरकार जंग का नक़्शा तैयार करने में लगी हुयी थी।
उन्होंने दुश्मन की ओर से अफ़वाह और भ्रम फैलाए जाने और सॉफ़्ट वॉर के मामले में सावधानी को ज़रूरी बताया और कहाः उनका लक्ष्य मुल्क को कमज़ोर करना और 12 दिवसीय जंग की चमत्कारिक एकता को तोड़ना है। इसलिए दुश्मन की दुश्मनी, आपसी एकता व समरसता और क़ुरआन के शब्दों में "वे काफ़िरों पर सख़्त हैं और आपस में मेहरबान हैं" ज़रूरी है।
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने अपनी स्पीच के एक भाग में 13 रजब के शहीद क़ासिम सुलैमानी की शहादत की बरसी के साथ आने की ओर इशारा करते हुए कहाः ईमान, पाक नीयत और अमल, इस अज़ीज़ शहीद की मुख्य ख़ुसूसियतें थीं जिसे हमारे दौर में एक संपूर्ण इंसान गिना जाता था। शहीद क़ासिम सुलैमानी अल्लाह की ख़ुशी के लिए काम करते थे न कि मशहूर होने और दूसरों की तारीफ़ हासिल करने के लिए।
उन्होंने सभी ज़रूरी मैदानों में जनरल सुलैमानी की मौजूदगी की सराहना करते हुए कहाः वह कुछ लोगों के बरख़िलाफ़, जो मसलों को अच्छी तरह समझते हैं और अच्छी बातें करते हैं, लेकिन क़मद नहीं उठाते, सभी ज़रूरी मैदानों में भाग लेते थे; चाहे इंक़ेलाब की रक्षा और उसे आगे बढ़ने में मदद करने और किरमान में साज़िशों से निपटने की बात हो, चाहे क़ुद्स फ़ोर्स में, हरम की रक्षा, दाइश का मुक़ाबला करने और दूसरे मैदान हों।
03/01/2026

