महान हस्ती अल्लामा मीर्ज़ा नाईनी के बारे में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेंस

महान हस्ती अल्लामा मीर्ज़ा नाईनी के बारे में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेंस

महान हस्ती अल्लामा मीर्ज़ा नाईनी के बारे में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेंस के प्रबंधकों से इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने मुलाक़ात की।

इस कॉन्फ़्रेंस के प्रबंधकों से मुलाक़ात के दौरान इस्लामी इंक़ेलाब के नेता का ख़िताब, गुरूवार 23 अक्तूबर 2025 की सुबह क़ुम शहर में कॉन्फ़्रेंस स्थल पर जारी किया गया।

आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने इस मुलाक़ात में, अल्लामा नाईनी को नजफ़ के प्राचीन धार्मिक केन्द्र के इल्म और अध्यात्म के ऊंचे स्तंभों में बताया और उनकी शख़्सियत के पहलुओं को बयान करते हुए कहा, "मरहूम नाईनी की शख़्सियत का महारत पर आधारित पहलू, वैचारिक और इल्मी और प्रभावी तथा बड़ी तादाद में इनोवेटिव आधार पर प्रिंस्पल ऑफ़ ज्यूरिसप्रूडेंस का ख़ाका पेश किया जाना है।"

इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने अच्छे शिष्यों की तरबियत को अल्लामा नाईनी की शख़्सियत का दूसरा पहलू गिनवाते हुए कहा, "जो चीज़ उनको वरिष्ठ धर्मगुरूओं से भिन्न बनाती है वह उनके राजनैतिक विचार हैं जिसे उन्होंने 'तम्बीहुल उम्मह' नामक मूल्यवान किताब में पेश किया जिसे लोग भूल गए हैं।" 

आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ज़ुल्म के मुक़ाबले में विलायत के आधार पर इस्लामी सरकार के गठन पर आस्था को अल्लामा नाईनी के राजनैतिक विचार के आधारों में बताया और कहा, "मरहूम नाईनी के राजनैतिक विचार के मुताबिक़, वह सरकार और उसके सभी अधिकारी राष्ट्रीय निगरानी के तहत और जवाबदेह हों कि जिसके लिए संसद का गठन है जो चुनाव के ज़रिए हो ताकि निगरानी हो सके और क़ानून बनाया जा सके और इस संसद की साख भी बड़े धर्मगुरूओं और फ़क़ीहों की ताईद पर निर्भर हो। 

उन्होंने कहा कि जिस इस्लामी और अवामी सरकार का ख़ाका अल्लामा नाईनी के मद्देनज़र था आज का इस्लामी गणराज्य वही चीज़ है। उन्होंने ख़ुद मिर्ज़ा नाईनी द्वारा अपनी किताब 'तम्बीहुल उम्मह' को वापस लिए जाने की वजह बयान करते हुए कहा, "जिस संवैधानिक क्रांति का मरहूम नाईनी और नजफ़ के धर्मगुरूओं ने सपोर्ट किया था वह ज़ुल्म को ख़त्म करने और न्याय पर आधारित सरकार का गठन करने पर आधारित थी और ब्रिटेन ने ईरान में संवैधानिक क्रांति के नाम पर जो चीज़ गढ़ी थी वो मतभेद और मरहूम शैख़ फ़ज़्लुल्लाह नूरी के फांसी पर चढ़ाए जाने जैसी घटना का कारण बनी, वह अलग चीज़ थी।"

इस मुलाक़ात में क़ुम के धार्मिक केन्द्र के प्रमुख आयतुल्लाह आराफ़ी ने अल्लामा नाईनी अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेंस के प्रोग्रामों और सरगर्मियों के बारे में एक रिपोर्ट पेश की।

23/10/2025