इस्लामी घरानाः ख़ुदनुमाई, फ़ैमिली की बुनियाद के लिए ख़तरनाक ज़हर
इस्लाम में ख़ुदनुमाई मना है। ख़ुदनुमाई यानी औरतों का मर्दों के सामने ख़ुदनुमाई करना, अपनी तरफ़ मुतवज्जे करने और फ़ितना फैलाने के लिए - यह एक तरह का फ़ितना है और इसमें बहुत सी बुराइयां हैं। इसकी बुराई सिर्फ़ यह नहीं है कि कोई जवान लड़की किसी जवान लड़के के साथ गुनाह करेगी - यह तो आग़ाज़ है, शायद कह सकते हैं कि यह तो इसका सबसे छोटा पहलू है - इसका तार फ़ैमिली से जुड़ता है। अस्ल में इस तरह के नाजायज़ तअल्लुक़ात, फ़ैमिली के लिए ख़तरनाक ज़हर है, क्योंकि फ़ैमिली मुहब्बत से चलती है। दरअस्ल फ़ैमिली की बुनियाद ही इश्क़ पर टिकी है। अगर यह इश्क़ -ख़ूबसूरती से मोहब्बत, जिन्से मुख़ालिफ़ से मोहब्बत - कुछ फ़ीसद भी कहीं और से पूरा होगा, तो फ़ैमिली को मज़बूती देने वाली बुनियाद ख़त्म हो जाएगी, फ़ैमिली बिखर जाएगी और हालात वैसे हो जाएंगे जैसे अफ़सोस कि इन दिनों पश्चिमी मुल्कों ख़ास तौर पर उत्तरी यूरोप और अमरीका के मुल्कों में हैं।
इमाम ख़ामेनेई
27/4/1998
17/12/2022

