अहकाम: जब जमाअत की नमाज़ को जारी रखना इमामे जमाअत के लिए मुमकिन न हो

अहकाम: जब जमाअत की नमाज़ को जारी रखना इमामे जमाअत के लिए मुमकिन न हो

सवालः अगर किसी भी वजह से नमाज़ को जमाअत के साथ जारी रखना इमाम के बस में न हो तो क्या नमाज़ पढ़ने वाले अपने बीच से किसी शख़्स की इमामत में, जिसमें इमाम होने की शर्तें पायी जाती हों, जमाअत के साथ नमाज़ जारी रख सकते हैं?

जवाबः नमाज़ पढ़ने वाले किसी ऐसे शख़्स को आगे बढ़ाकर जिसमें इमाम बनने की शर्तें पायी जाती हों, उसके पीछे नमाज़ जारी रख सकते हैं।

25/12/2023