अहकाम: सफ़र में रोज़े की मन्नत का हुक्म

अहकाम: सफ़र में रोज़े की मन्नत का हुक्म

सवालः अगर कोई किसी निर्धारित दिन मिसाल के तौर पर पहली रजब को हर हाल में यहाँ तक कि सफ़र की हालत में रोज़ा रखने की मन्नत मान ले तो इसका क्या हुक्म है?

जवाबः अगर उस दिन सफ़र में हो तो भी रोज़ा रखेगा और दस दिन ठहरने का इरादा ज़रूरी नहीं है।

26/02/2024

यहाँ आने वाले सभी अज़ीज़ों को सलाम...