शहीद रहबर के शहादत स्थल के क़रीब नवीं मोहर्रम की रात (शबे आशूर) की मजलिस का आयोजन

शहीद रहबर के शहादत स्थल के क़रीब नवीं मोहर्रम की रात (शबे आशूर) की मजलिस का आयोजन

इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा इमाम ख़ामेनेई के शहादत स्थल के पड़ोस में 9 मोहर्रम की रात (शबे आशूर) को, शहीदों के सरदार हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की आज़ादारी के तहत मजलिस का आयोजन हुआ, जिस में हज़ारों की तादाद में श्रद्धालुओं नें भाग लिया।

इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेईइस साल की इन मजलिसों का आयोजन करा रहे हैं।

हुज्जतुल इस्लाम वलमुस्लेमीन अलीज़ादे ने मजलिस पढ़ी। उन्होंने मजलिस में दुश्मन की साज़िशों को चिन्हित करना और उस के मुताबिक़ सही फ़ैसला लेकर सही समय पर क़दम उठाना, इस्लामी इंक़ेलाब के तत्वदर्शी और शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई की मुख्य विशेषता बतायी। 

जनाब महमूद करीमी ने शहीदों के सरदार इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उन के वफ़ादार साथियों का मर्सिया और इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर और दूसरे तथा तीसरे पाकीज़ा डिफ़ेंस के अज़ीम शहीदों की याद में नौहा पढ़ा।

24/06/2026