शहीद रहबर के शहादत स्थल के क़रीब मजलिस का आयोजन
इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा इमाम ख़ामेनेई के शहादत स्थल के पड़ोस में 7 मोहर्रम की रात में, शहीदों के सरदार हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की आज़ादारी के तहत दूसरी मजलिस का आयोजन हुआ, जिस में हज़ारों की तादाद में श्रद्धालुओं नें भाग लिया।
इस साल की इन मजलिसों का आयोजन इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई की ओर से कराया जा रहा है। हुज्जतुल इस्लाम वलमुस्लेमीन सैयद अहमद तबातबाई ने मजलिस पढ़ी और उनकी मजलिस का विषय, "ईमान के मोर्चे की, आज़माइशों के साथ मुक़ाबला करने की शैली" था। उन्होंने सत्य के मोर्चे में पेश आने वाली मुसीबतों को आत्मोत्थान की पृष्ठिभूमि बताया और कहाः इंसानों के लिए अल्लाह की योजना के तहत, सभी इंसान अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक ज़िंदगी में मुख़्तलिफ़ आज़माइशों और मुसीबतों से गुज़रते हैं ताकि उन की धर्मपरायणता का स्तर स्पष्ट हो जाए और इस परिप्रेक्ष्य में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आशूरा, धर्म और इंसानियत की चोटी पर नज़र आता है क्योंकि उन के साथियों ने मुख़्तलिफ़ मुसीबतों का धैर्य और अन्तर्दृष्टि के साथ सामना किया।
जनाब सैयद मजीद बनी फ़ातेमा ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों का मर्सिया पढ़ते हुए उन पर पड़ने वाली मुसीबतों का ज़िक्र किया और इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर और दूसरे तथा तीसरे पाकीज़ा डिफ़ेंस के अज़ीम शहीदों की याद में नौहा पढ़ा।
🏴 "मुझ जैसा उस जैसे की बैअत नहीं कर सकता।"
22/06/2026

