ईरान और इराक़ में शहीद व मुजाहिद इमाम आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार के आयोजन की तफ़सील
शहीद व मुजाहिद इमाम आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार के प्रोग्राम की सेंट्रल प्रबंधन कमेटी के प्रवक्ताः
तेहरान की किश्वरदूस्त स्ट्रीट पर, शहीद व मुजाहिद इमाम आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार के प्रोग्रामों की केन्द्रीय प्रबंधन कमेटी के प्रवक्ता ईमान अत्तारज़ादे ने, देश विदेश के मीडिया की मौजूदगी में, ईरान और इराक़ में शहीद व मुजाहिद इमाम आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार के आयोजन की तफ़सील बतायी।
उन्होंने मुजाहिद व शहीद इमाम के अंतिम संस्कार के प्रोग्राम के नारों की व्याख्या में कहा, "अंतिम संस्कार के प्रोग्राम का शीर्षक 'ईरान के शहीद आग़ा' और नारा 'उठ खड़े होना होगा' है और प्रोग्राम का सिम्बल 'भिंची हुयी मुट्ठी' है जिसे इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा हुसैनी ख़ामेनेई के उस पैग़ाम से लिया गया है जिस में उन्होंने फ़रमाया कि शहीद इमाम के पवित्र शव का दर्शन करने वालों ने बताया कि उन के बाएं हाथ की मुट्ठी भिंची हुयी थी।"
प्रवक्ता ईमान अत्तारज़ादे ने कहाः अरबी के लिए नारा "क़ूमू लिल्लाह" अर्थात "अल्लाह के लिए क़याम करो" होगा और यह नारा "अल्लाह के लिए क़याम" का ही क्रम है जिसे, महान ख़ुमैनी और अज़ीज़ ख़ामेनेई के मत के अलमबरदार, हमारे अज़ीज़ सर्वोच्च नेता (अल्लाह उनका साया बाक़ी रखे) ने, (इमाम ख़ुमैनी की बरसी के दिन) 4 जून 2026 को दिया।
शहीद व मुजाहिद इमाम आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार के प्रोग्राम के आयोजन के लिए ज़िम्मेदार केन्द्रीय कमेटी के प्रवक्ता ने इस बात की ओर इशारा करते हुए कि यह शोक समारोह सिर्फ़ ईरानी अवाम तक सीमित नहीं है, कहाः रेज़िस्टेंस मोर्चे के मुल्कों से लेकर दुनिया के सुदूर क्षेत्रों तक दुनिया के आज़ाद इंसान, इस्लामी जगत उसी मत से प्रेरणा लेकर, अल्लाह के इस कलाम "अल्लाह के लिए उठ खड़े हो" का नारा लगा रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहाः दुनिया के सुदूर क्षेत्रों से धार्मिक और आंदोलनकारी शख़्सियतों, बुद्धिजीवियों, राजनेताओं और मुख़्तलिफ़ मुल्कों के अधिकारियों की ओर से श्रद्धांजलि पेश किए जाने का विशेष समारोह भी आयोजित होगा, जिसकी तफ़सील विदेश मंत्रालय द्वारा जारी की जाएगी।
प्रवक्ता ईमान अत्तारज़ादे ने कहाः शनिवार 4 जुलाई को तेहरान में शहीद रहबर के पाक शव को विदा करने के प्रोग्राम का आग़ाज़ होगा जो दो दिन तक जारी रहेगा और एक दिन शवयात्रा से विशेष है और मंगलवार 7 जूलाई 2026 को पवित्र शहर क़ुम में शवयात्रा निकलेगी और गुरूवार 9 जूलाई 2026 को, जो 24 मोहर्रम 1448 हिजरी क़मरी इमाम ज़ैनुल आबेदीन अलैहिस्सलाम की शहादत की पूर्व संध्या है, पवित्र शहर मशहद में शवयात्रा के बाद उसी दिन इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के मुबारक रौज़े में तदफ़ीन होगी। इन सभी शहरों में शहीद रहबर की शवयात्रा के साथ साथ उन की नमाज़े जनाज़ा भी पढ़ी जाएगी।
उन्होंने कहाः इराक़ के अवाम, क़बीलों, बुद्धिजीवियों, ओलमा, राजनेताओं, सांस्कृतिक व धार्मिक हस्तियों की ओर से मुजाहिद व शहीद इमाम की शवयात्रा के आयोजन के बार बार के अनुरोध के मद्देनज़र, 8 जुलाई 2026 बराबर 23 मोहर्रम 1448 को, पवित्र शहर नजफ़ और कर्बला में, शवयात्रा आयोजित होगी कि इस से संबंधित कार्यक्रम की सटीक सूचना इराक़ सरकार की ओर से जारी की जाएगी।
इस प्रोग्राम में शहीद रहबर के दामाद डॉक्टर मिस्बाहुल हुदा बाक़ेरी कनी, सैयदा बुशरा हुसैनी ख़ामेनेई (संतान), ज़हरा हद्दाद आदिल (इस्लामी इंक़ेलाब के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मुज्तबा ख़ामेनेई की बीवी) और ज़हरा मोहम्मदी गुलपायगानी (नवासी) के पाक शवों को विदा किया जाएगा।
प्रवक्ता ईमान अत्तारज़ादे ने इन प्रोग्रामों के अवाम पर आधारित होने की ओर इशारा करते हुए कहाः मुख़्तलिफ़ संगठनों की ओर से लगाए गए अंदाज़े के मद्देनज़र, इन कार्यक्रमों में शामिल होने के स्तर की पिछले 47 साल के किसी भी प्रोग्राम से तुलना नहीं हो सकती, इसलिए मिशन के लिए उठ खड़े हुए अवाम ने, जो इन प्रोग्रामों के मुख्य आयोजक हैं, मुख़्तलिफ़ कंपेन के तहत जैसे हर घर एक कैंप या इमामबाड़ों, मस्जिदों और तकियों (विशेष इमामबाड़े) को तीन शहरों तेहरान, क़ुम और मशहद में शवयात्रा के प्रोग्राम में अवाम की मेज़बानी में क़रार देने का एलान किया है।
ईमान अत्तारज़ादे ने आगे बताया कि मुल्क के मुख़्तलिफ़ संगठन, मुजाहिद व शहीद इमाम की शहादत के शुरूआत के दिनों में ही, आपस में संगठित हो गए ताकि पूरी क्षमता के साथ अंतिम संस्कार के प्रोग्राम को आयोजित और देश व विदेश के अवाम की मेज़बानी कर सकें।
22/06/2026

