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इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की ज़बानी अपने पिता की यादों पर आधारित किताब का अरबी संस्करण "हेकायतुस सैयद" रिलीज़ होने वाला है

इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की ज़बानी अपने पिता की यादों पर आधारित किताब का अरबी संस्करण "हेकायतुस सैयद" रिलीज़ होने वाला है

इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर आयतुल्लाहिल उज़्मा इमाम सैयद अली ख़ामेनेई की ज़बानी अपने पिता की यादों पर आधारित किताब "रिवायते आक़ा" का अरबी संस्करण "हेकायतुस सैयद", गुरूवार को तेहरान में इमाम ख़ामेनेई के शहादत स्थल पर रिलीज़ होने वाला है जिस में अरब मेहमान शिरकत कर रहे हैं।

इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की शहादत के 75वें दिन गुरूवार 14 मई 2026 कोकिताब "रिवायते आक़ा" का अरबी संस्करण "हेकायतुस सैयद" के रिलीज़ होने का प्रोग्राम है जिस में ईरानीअरब और अंतर्राष्ट्रीय हस्तियां और मेहमान शिरकत कर रहे हैं। 

यह किताबसैयद जवाद ख़ामेनेई की– जो इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर के पिता और उस्ताद हैं - ज़िंदगीशख़्सियतइल्मी और आध्यात्मिक व्यवहार काशहीद इमाम ख़ामेनेई की ज़बानी वर्णन करती है और इस किताब से शहीद रहबर इमाम ख़ामेनेई की तरबियत की जड़ों और उनकी शख़्सियत को समझने में मदद करती है। 

किताब "हेकायतुस सैयद" जो इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर के शहादत स्थल पर रिलीज़ होगीडॉक्यूमेंट्री और मौखिक इतिहास के वर्णन के लेहाज़ से विशेष स्थान रखती हैक्योंकि यह सिर्फ़ पारिवारिक यादों का वर्णन नहीं है बल्कि ईरान की सामाजिक और धार्मिक परतोंईरान और इराक़ में धर्मगुरुओं की जीवन शैलीपारिवारिक तरबियत के बीच संबंध और ईरान के समकालीन इतिहास की प्रभावी हस्तियों की परवरिश में उसके रोल को समझने मेंमदद करती है। 

इसी तरह किताब "हेकायतुस सैयद" उस प्रशिक्षक का स्पष्ट और सटीक चित्रण करती है कि जिस के इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की शख़्सियत को बनाने में बुनियादी और निर्णायक प्रभाव को बयान किया गया है। इस किताब में ज़ोहदमित्यव्ययतासच्चाईधार्मिक तरबियत और ईरानी धर्मगुरुओं की जीवन शैली जैसे मूल्यों कोदस्तावेज़ और व्यक्तिगत वर्णन के सांचे में बयान किया गया है।

12/05/2026

इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर की ज़बानी अपने पिता की यादों पर आधारित किताब का अरबी संस्करण "हेकायतुस सैयद" रिलीज़ होने वाला है