वो ग़ैर-मुल्की जो हज़ारों किलोमीटर दूर से लालच में आकर फ़ार्स की खाड़ी और ओमान सागर में दुष्टता कर रहे हैं, उनकी यहाँ कोई जगह नहीं है, सिवाय समंदर की तह के।
फ़ार्स खाड़ी राष्ट्रीय दिवस पर इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद मुज्तबा ख़ामेनेई का पैग़ाम
30 अप्रैल 2026
10/05/2026







