आज ईरानी क़ौम की चमत्कारिक मौजूदगी, ज़ायोनीवाद और रक्तपिपासू अमरीका के ख़िलाफ़ मुक़ाबले के लिए जान क़ुर्बान करने के लिए तैयार करोड़ों ईरानियों तक ही सीमित नहीं रही बल्कि दुनिया भर में फैली इस्लामी उम्मत की पंक्तियों में शामिल होकर, मुल्क के भीतर और बाहर 9 करोड़ ग़ैरतमंद ईरानियों ने अपनी पहचान, आध्यात्मिक, मानवीय, इल्मी और औद्योगिक सलाहियतों और नैनो, बायो से लेकर परमाणु और मिज़ाईल तक सभी नई तथा मूल टेक्नालोजियों को अपनी राष्ट्रीय संपत्ति मान लिया है और वे उनकी रक्षा इस तरह करेंगे जैसे अपनी ज़मीनी, समुद्री और हवाई सीमा की रक्षा करते हैं।
30 अप्रैल 2026
आयतुल्लाह मुज्तबा ख़ामेनेई
11/05/2026