अहकामः अज़ादारी में हरवला करने का हुक्म

अहकामः अज़ादारी में हरवला करने का हुक्म

सवालः क्या अज़ादारी में हरवला (हल्की रफ़्तार से दौड़ना) और शोर (ऊंची आवाज़ में तेज़ी के साथ अहलेबैत का नाम लेना) सही है?
जवाबः अगर ऐसे अंदाज़ में हो जिससे मज़हब या अहलेबैत अलैहेमुस सलाम की अज़ादारी की सभा का अनादर न हो रहा हो, तो कोई हरज नहीं है।

31/10/2022

यहाँ आने वाले सभी अज़ीज़ों को सलाम...