सीधे रास्ते को पहचानना और उस पर चलना आसान, लेकिन उस पर बाक़ी रहना कठिन है

सीधे रास्ते को पहचानना और उस पर चलना आसान, लेकिन उस पर बाक़ी रहना कठिन है

हज़रत अली अकबर अलैहिस्सलाम के तुफ़ैल में अल्लाह आप जवानों की हिफ़ाज़त करे इंशाअल्लाह, आपको इस्लाम के लिए बचाए रखे, साबित क़दम रखे। नौजवान इस बात पर ध्यान दें: वो सीधे रास्ते को पहचान सकते हैं, उससे लगाव पैदा कर सकते हैं, ख़ुद को सीधे रास्ते के मुताबिक़ ढाल सकते हैं, लेकिन इस रास्ते पर बाक़ी रहना कठिन है, सीधे रास्ते पर ख़ुद को बाक़ी रखिए। बक़ौल मरहूम अमीर फ़ीरूज़कूहीः

जवानी इल्म में गुज़री जबकि बुढ़ापा जेहालत में गुज़र गया

मेरी उम्र की किताब का अध्याय और चैप्टर उलटा है।

कुछ लोगों की जवानी अच्छी थी, लेकिन बुढ़ापा! अल्लाह की पनाह, बूढ़े तो ख़ैर हुए ही। इस जवानी को बाक़ी रखने की कोशिश कीजिए। अलबत्ता आप लोग अच्छे हैं, अलहम्दुलिल्लाह आप लोग इंक़ेलाब और इस्लाम की ख़िदमत कर रहे हैं। कोशिश कीजिए कि यही हालत बाक़ी रहे। सीधे रास्ते पर डटे रहना और दृढ़ता दिखाना, अच्छी चीज़ है।

इमाम ख़ामेनेई

8/05/2017

04/03/2023