वे धमकी देते हैं कि हम ऐसा कर देंगे, हम वैसा कर देंगे। आप ईरानी अवाम ने इस 22 बहमन (11 फ़रवरी) को इन धमकियों का जवाब दे दिया, आप ने दिखा दिया कि इन धमकियों का कोई असर नहीं है।
21/02/2026
इस मौजूदगी का एक बहुत अहम पैग़ाम है और वह यह है कि इस सिस्टम के लक्ष्य को अपने पूर्वजों के लक्ष्य और अक़ीदे को हमेशा अपनाए रहेंगे, इंशाअल्लाह।
16/02/2026
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने 22 बहमन (11 फ़रवरी 2026) को इस्लामी इंक़ेलाब की 47वीं सालगिरह के मौक़े पर पूरे मुल्क में निकाली गयी रैलियों में अवाम की दसियों लाख की तादाद में शिरकत का शुक्रिया अदा करते हुए एक पैग़ाम जारी किया है।
12/02/2026
12 जनवरी को ईरानी क़ौम ने (ऐतिहासिक दिन) बना दिया और अपने कारनामों में एक और कारनामे का इज़ाफ़ा किया। ईरानी क़ौम ने तेहरान में दसियों लाख की तादाद में, दूसरे शहरों में बड़ी तादाद में निकलकर, बड़बोले दावेदारों के मुंह पर ज़ोरदार मुक्का मारा।
22/01/2026
इतने प्रोपैगंडे, रोज़मर्रा की मुश्किलें जिन्हें लोग पूरे वजूद से महसूस कर रहे हैं, दुश्मन के बहकावे, सर्दी, मुल्क में कुछ जगहों पर माइनस टम्प्रेचर, ये सबके सब अवाम के ईमान व मारेफ़त की गर्मी के सामने बेअसर हो गए।
15/02/2023
11 फ़रवरी 2023 के जुलूसों में क़ीमती और भरपूर शिरकत पर ईरानी क़ौम को सलाम करता हूं। मैं ख़ुद को इस क़ाबिल नहीं समझता कि शुक्रिया अदा करुं। इसकी क़द्रदानी तो अल्लाह ही कर सकता है। मिल्लते ईरान! अल्लाह आपकी मेहनतों की क़द्रदानी करे। इमाम ख़ामेनेई 15 फ़रवरी 2023
15/02/2023
मिल्लते ईरान का अल्लाहो अकबर का नारा अपनी ख़ास आवाज़ और अंदाज़ रखता है। क्योंकि यह पैग़म्बर का नार-ए-अल्लाहो अकबर है। यह बुतों को तोड़ने वाला नार-ए-अल्लाहो अकबर है। यह ताक़त और धन दौलत के बुतों को महत्वहीन साबित करने वाला नारा है। यह विश्व साम्राज्यवाद के मुक़ाबले में एक क़ौम की शुजाअत और बहादुरी का आईना है। इमाम ख़ामेनेई 28 अगस्त 1985
11/02/2023