KHAMENEI.IR
فارسی English Français Español Русский हिंदी Azəri العربية اردو

Jul. 30, 2026

besmellah
KHAMENEI.IR
  • पहला पन्ना
  • |
  • ख़बरें
  • |
  • तक़रीर
    • मुकम्मल तक़रीर
    • सारांश
  • |
  • नज़रिया
    • इंटरव्यू
    • लेख
    • ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल
  • |
  • पैग़ाम
    • हज का पैग़ाम
    • पैग़ाम और पत्र
  • |
  • फ़तवा
  • |
  • बायोग्राफ़ी
    • इमाम ख़ुमैनी
    • यादें
    • आयतुल्लाह ख़ामेनेई
  • |
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियोज़
    • समीक्षात्मक वीडियो
    • पोस्टर
    • इन्फ़ोग्राफ़
    • फ़ोटोकोट
    • तस्वीरें
    • रील्ज़
  • |
  • लाइब्रेरी
    • आयतुल्लाह ख़ामेनेई की किताबें
    • विश्व साहित्य
  • |
KHAMENEI.IR
  • पहला पन्ना
  • ख़बरें
    • मुकम्मल तक़रीर
    • सारांश
    • इंटरव्यू
    • लेख
    • ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल
    • हज का पैग़ाम
    • पैग़ाम और पत्र
  • फ़तवा
    • इमाम ख़ुमैनी
    • यादें
    • आयतुल्लाह ख़ामेनेई
    • वीडियोज़
    • समीक्षात्मक वीडियो
    • पोस्टर
    • इन्फ़ोग्राफ़
    • फ़ोटोकोट
    • तस्वीरें
    • रील्ज़
    • आयतुल्लाह ख़ामेनेई की किताबें
    • विश्व साहित्य

Tags: दुआ

काम के साथ कितनी दुआ ज़रूरी है?

पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमायाः ऐ अबूज़र! भले कर्म के साथ दुआ उतनी काफ़ी है, जितना खाने के लिए नमक काफ़ी होता है।

28/02/2026

दरस-ए-अख़लाक़: दुआ से अल्लाह की याद दिल में ज़िन्दा रहती है

रिवायत में दुआ को इबादत का निचोड़ कहा गया है। इबादत की जान, दुआ है। दुआ का क्या मतलब है? मतलब है अल्लाह से बातें करना। अस्ल में अल्लाह को अपने पास महसूस करना और अपने मन की बात उसके सामने रखना... दिल में अल्लाह की याद ताज़ा व ज़िन्दा रखने से ग़फ़लत व लापरवाही ख़त्म होती है जो सभी गुमराहियों व भटकाव तथा इंसान की ख़राबियों की जड़ है। दुआ ग़फ़लत के पर्दे हटा देती है, दुआ इंसान के दिल से ग़फ़लत को दूर कर देती है और इंसान को अल्लाह की याद में लगा देती है और अल्लाह की याद दिल में जगाए रखती है। दुआ से वंचित लोगों को जो सबसे बड़ा नुक़सान उठाना पड़ता है वो यह है कि अल्लाह की याद उनके दिल से निकल जाती है। अल्लाह से ग़फ़लत इंसान के लिए बहुत बड़ा नुक़सान है। इमाम ख़ामेनेई 30/10/1998

25/11/2025

दरस-ए-अख़लाक़ः अल्लाह के दर पर जाना चाहिए ताकि दूसरों के सामने गिड़गिड़ाना न पड़े

इंसान सिर से पांव तक ज़रूरतमंद है, इन ज़रूरतों से छुटकारा पाने और इन ज़रूरतों की पूर्ति के लिए किससे कहें? अल्लाह से; क्योंकि वह हमारी ज़रूरतों को जानता है, अल्लाह जानता है कि आप क्या चाहते हैं, क्या ज़रूरी है; और कौन सी चीज़ आप उससे मांग रहे हैं और सवाल कर रहे हैं तो अपने अल्लाह से मांगिए। अल्लाह फ़रमाता हैः मुझसे दुआ करो। यानी मुझको पुकारो मैं तुमको जवाब देता हूं, अलबत्ता यह जवाब देना, ज़रूरत पूरी कर देने के मानी में नहीं है, फ़रमाता हैः मैं तुमको जवाब देता हूं और लब्बैक कहता हूं। “मैं तुम्हारी दुआ क़ुबूल करुंगा” निश्चित तौर पर अल्लाह की तरफ़ से जवाब बहुत से मौक़ों पर हाजत पूरी होने और जो कुछ आपने अल्लाह से चाहा है उसके पूरे होने के साथ है। (अल्लाह अपने बंदों को दूसरों का मोहताज देखना पसंद नहीं करता) इमाम ख़ामेनेई 17/2/1995

12/11/2025

दरस-ए-अख़लाक़ः अल्लाह से गिड़गिड़ाकर दुआ कीजिए

हम दुआ को मामूली चीज़ न समझें, अल्लाह से कुछ तलब करने को मामूली बात न समझें। आपसे जहाँ तक मुमकिन हो दुआ को अल्लाह के सामने ऐसे माहौल में पेश कीजिए जिसमें आपकी बेहतरीन हालत हो, रोने और गिड़गिड़ाने का माहौल हो। दुआ में आया हैः “तेरे सामने गिड़गिड़ाने के सिवा कोई चीज़ मुझे तुझते बचा नहीं सकती।” अगर आप अल्लाह के सामने गिड़गिड़ा सके और फ़रयाद कर सके तो उस वक़्त आप दुनिया की खोखली ताक़तों, तथाकथित ताक़तों, झूठी व दिखावे की ताक़त दिखाने वाली किसी भी बड़ी ताक़त के सामने आपना सिर बुलंद रखेंगे, रोएंगे और गिड़गिड़ाएंगे नहीं। क़ुरआन में भी हमारा मार्गदर्शन किया गया है और हमको हुक्म दिया गया है कि हम अल्लाह से दुआ किया करें। इमाम ख़ामेनेई 08/04/2018

29/10/2025

दरस-ए-अख़लाक़: दुआ क़ुबूल होने के लिए रोएं, गिड़गिड़ाएं और अल्लाह से पूरी गंभीरता के साथ मांगें

दुआ पूरी होने की शर्तों में एक यह है कि दुआ पूरे ध्यान के साथ की जाए, कभी सिर्फ़ ज़बान हिलाने की तरह कुछ जुमले जैसे “या अल्लाह मुझे बख़्श दे”, “या अल्लाह मेरे रिज़्क़ में बरकत दे”, या “या अल्लाह मेरे क़र्ज़ को अदा कर दे”, होठों पर जारी हो जाते हैं, दस साल तक इंसान इस तरह दुआ करता रहता है और बिल्कुल पूरी नहीं होती, इसका कोई फ़ायदा नहीं है। दुआ के क़ुबूल होने की शर्तों में एक यह है जैसा कि (मासूम ने) फ़रमाया हैः “याद रखो! जिसका दिल ग़ाफ़िल हो यानी जिसका ध्यान इस बात की ओर न हो कि वह क्या दुआ मांग रहा है या यह कि किससे बात कर रहा है, अल्लाह उसकी दुआ क़ुबूल नहीं करता।” ज़ाहिर है वह दुआ जो इस तरह की ग़फ़लत और बिना ध्यान के की जाती है, क़ुबूल नहीं होती, गिड़गिड़ाना चाहिए, पूरी गंभीरता के साथ (अल्लाह को सर्वशक्तिमान समझते हुए) उससे मांगना चाहिए, इलतेजा करना चाहिए, रोते हुए मांगिए और बार बार मांगते रहिए तो इस हालत में निश्चित तौर पर अल्लाह दुआओं को क़ुबूल फ़रमाएगा। इमाम ख़ामेनेई 17/02/1995

13/08/2025

दरस-ए-अख़लाक़: दुआ से अल्लाह की याद दिल में ज़िन्दा रहती है

दुआ का क्या मतलब है? मतलब है अल्लाह से बातें करना और अल्लाह को अपने पास महसूस करना। दिल में अल्लाह की याद ताज़ा व ज़िन्दा रखने से ग़फ़लत व लापरवाही ख़त्म होती है जो सभी गुमराहियों व भटकाव तथा इंसान की ख़राबियों की जड़ है। दुआ ग़फ़लत के पर्दे हटा देती है, इंसान को अल्लाह की याद में लगा देती है और अल्लाह की याद दिल में जगाए रखती है। इमाम ख़ामेनेई 30/10/1998

24/10/2024

आप सभी नौजवानों के लिए ज़रूर दुआ करुंगा

दुआ तो मैं ज़रूर करुंगा, इंशाअल्लाह, आप सभी के लिए, मेरी हमेशा की दुआओं में से एक, आप नौजवानों के लिए है।

15/06/2024

दुआ के साथ अमल ज़रूरी

अल्लाह से माफ़ी के लिए सिर्फ़ दुआ ज़रूरी नहीं है, अमल भी ज़रूरी है। वो अमल क्या है? गुनाहों से तौबा, इस्तेग़फ़ार, गुनाह को छोड़ना और भविष्य में दोबारा न करने का संकल्प, अमल ये चीज़ें हैं।

08/04/2024

दरस-ए-अख़लाक़ : दुआ से अल्लाह की याद दिल में ज़िन्दा रहती है

16/11/2023

हदीस की रौशनी में: अल्लाह के क़ानून के ख़िलाफ़ की गयी दुआओं का क़ुबूल न होना

27/10/2023

दरस-ए-अख़लाक़: अल्लाह से गिड़गिड़ाकर दुआ कीजिए

26/10/2023

यहाँ तक कि दिल की आँखें नूर के परदों ‎को पार कर लें

24/02/2023

अंतिम जीत, जो ज़्यादा दूर नहीं, फ़िलिस्तीनी जनता और फ़िलिस्तीन की होगी।

03/11/2023

पहला पन्ना
ख़बरें
तक़रीर
  • मुकम्मल तक़रीर
  • सारांश
नज़रिया
  • ज़्यादा पूछे जाने वाले सवाल
  • इंटरव्यू
  • लेख
पैग़ाम
  • हज का पैग़ाम
  • पैग़ाम और पत्र
फ़तवा
बायोग्राफ़ी
  • इमाम ख़ुमैनी
  • यादें
  • आयतुल्लाह ख़ामेनेई
मल्टीमीडिया
  • तस्वीरें
  • पोस्टर
  • वीडियोज़
  • समीक्षात्मक वीडियो
  • फ़ोटो कोट
  • रील्ज़
  • इन्फ़ोग्राफ़
लाइब्रेरी
  • आयतुल्लाह ख़ामेनेई की किताबें
  • विश्व साहित्य
English
  • Interview with Sayyid Javad Nasrallah
  • The Right Side of History Magazine, No. 24
  • The love of Hussain brings us together
Français
  • Le dôme doré abrite celui qui a été le refuge de la nation
  • À l'instar d'Achoura, il a offert sa petite fille pour l'amour de Dieu
  • Le magazine « Le Bon Côté de l'Histoire »
Español
  • El día que estuve contigo
  • La sepultura purificada del Líder mártir de la Revolución Islámica y de los mártires de su familia
  • Cortejo fúnebre del cuerpo purificado del Líder mártir de la Revolución Islámica en la ciudad santa de Mashhad
Русский
  • Послание великого лидера Исламской революции в связи с похоронами и погребением лидера-мученика Ирана
  • Полное видео церемонии совершения джаназа-намаза над пречистым телом лидера-мученика и телами мучеников его семьи в Мусалла им. Имама Хомейни
  • церемонии совершения джаназа-намаза над пречистым телом лидера-мученика и телами мучеников его семьи
हिंदी
  • इन्ना लिल्लाह, बेशक हम सिर्फ़ अल्लाह ही के लिए हैं।
  • मूल्यहीन, अविश्वसनीय
  • मूल्यहीन, अविश्वसनीय
Azəri
  • İslam İnqilabı Rəhbərinin "İranın şəhid Ağası"nın vida və dəfn mərasimi münasibətilə müraciəti
  • Tehrandakı İmam Xomeyni müsəllasında mücahid şəhid İmamın və şəhid ailəsinin pak cənazəsinə qılınan cənazə namazının tam videosu
  • Mücahid şəhid Ayətullah Əl-Üzma Seyid Əli Xamenei və şəhid ailəsinin pak cənazəsinə qılınan cənazə namazının
العربية
  • مجلّة الجهة الصحيحة من التاريخ، العدد الخاص بتشييع الإمام الشهيد السيد علي الخامنئي
  • بين الذّهب والتراب..
  • إيران والعراق لا يُمكن الفراق
اردو
  • انّا للّہ، ہم سب اللہ کی ملکیت ہیں
  • قم میں غیر ملکی طلباء کی جانب سے رہبر شہید کی مجلس ترحیم
  • شہید رہبر کی یاد میں غیر ایرانی علماء اور طلباء کی شرکت سے تعزیتی جلسے کا انعقاد

All content of Khamenei.ir is licensed under Creative Commons Attribution 4.0 International.