काम के साथ कितनी दुआ ज़रूरी है?
पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमायाः ऐ अबूज़र! भले कर्म के साथ दुआ उतनी काफ़ी है, जितना खाने के लिए नमक काफ़ी होता है।
पैग़म्बरे इस्लाम ने फ़रमायाः ऐ अबूज़र! भले कर्म के साथ दुआ उतनी काफ़ी है, जितना खाने के लिए नमक काफ़ी होता है।
28/02/2026