आज इंसान की ज़िंदगी उन इंसानों की इच्छाओं से पीड़ित है जो आध्यात्म से कोसों दूर हैं और उनके वजूद पर वासना छायी हुयी। इंसानियत को आज हमेशा से ज़्यादा बेसत के पैग़ाम की ज़रूरत है। इमाम ख़ामेनेई 24 सितम्बर 2003
17/01/2026
कूटनैतिक मुस्कुराहटों के पीछे इस तरह की दुश्मनियां, इस तरह के द्वेष इस तरह के घिनौने अंतर्मन छिपे हुए हैं, हम अपनी आँखें खोलें। हमें मालूम होना चाहिए कि हमारा सामना किससे है, हम किससे डील कर रहे हैं, किससे बात कर रहे हैं।
29/01/2025
यह रेज़िस्टेंस और उसका आगे बढ़ना, इसी बेसत की एक किरण हैं। रेज़िस्टेंस जो इस्लामी ईरान से शुरू हुआ, उसने मुस्लिम क़ौमों को जागरुक किया। कुछ मुस्लिम क़ौमों को मैदान में ले आया। उसने अवाम की सतह पर मुस्लिम क़ौमों को बेदार किया और बहुत से ग़ैर मुसलमानों के ज़मीरों को भी जगा दिया। वर्चस्ववादी सिस्टम पहचाना गया, पहचनवाया गया।
28/01/2025
पैग़म्बरे इस्लाम की पैग़म्बरी के एलान की ईद, ईदे बेसत के मौक़े पर मंगलवार 28 जनवरी 2025 की सुबह मुल्क की कार्यपालिका, विधिपालिका और न्यायपालिका के अध्यक्षों, मुल्क के आला अधिकारियों, तेहरान में नियुक्त इस्लामी मुल्कों के राजदूतों और समाज के मुख़्तलिफ़ वर्ग के लोगों ने इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।
28/01/2025
बेसत दिवस पर पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहि व आलेही व सल्लम पर 28 जनवरी 2025 को मुल्क के अधिकारियों, इस्लामी मुल्कों के राजदूतों और समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से मुलाक़ात में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अपने ख़ेताब में पैग़म्बरे इस्लाम की बेसत को इंसानियत के अज़ीम वाक़यों में से एक क़रार दिया और मौजूदा हालात के मद्देनज़र कुछ बिंदुओं का उल्लेख किया।
28/01/2025
पैग़म्बरे इस्लाम की ‘बेसत’ (पैग़म्बरी के एलान) की सालगिरह के मौक़े पर मुल्क के ओहदेदारों, इस्लामी देशों के राजदूतों, प्रतिनिधियों और समाज के अलग अलग वर्गों के लोगों ने इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से 8 फ़रवरी 2024 को इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में मुलाक़ात की। इस मौक़े पर अपने ख़ेताब में आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने ‘बेसत’ के बारे में महत्वपूर्ण बिंदु बयान किए। उन्होंने फ़िलिस्तीन और ग़ज़ा की जंग के बारे में बात की। (1)
16/02/2024
ईदे बेसत (पैग़म्बर की पैग़म्बरी के एलान) के पावन मौक़े पर मुल्क के बड़े अधिकारियों, इस्लामी मुल्कों के राजदूतों और क़ुरआन के अंतर्राष्ट्रीय मुक़ाबलों में शामिल होने वालों ने 8 फ़रवरी की सुबह आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।
08/02/2024
एयरफ़ोर्स के कर्मचारियों की ओर से 8 फ़रवरी 1979 को इमाम ख़ुमैनी की ऐतिहासिक बैअत (आज्ञापलन के वचन) की सालगिरह के मौक़े पर मुल्क की एयरफ़ोर्स और फ़ौज के एयर डिफ़ेन्स विभाग के कुछ कमांडरों ने इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से 5 फ़रवरी 2024 को इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में इस्लामी इंक़ेलाब के नेता ने इस ऐतिहासिक वाक़ये की अहमियत और इस्लामी समाज के ख़वास और विशिष्ट लोगों के वर्ग की मुख्य हैसियत और ज़िम्मेदारियों पर रौशनी डाली।(1)
05/02/2024
एक और क़ीमती ख़ज़ाना कि अफ़सोस उस पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया जाता, बुरा चाहने वालों के मुक़ाबले में सख़्त व सीसा पिलाई हुयी दीवार की तरह अटल होना है। इंसानी समाजों को जो नुक़सान पहुंचते हैं उनमें से एक, उनके दुश्मनों की पैठ से होती है।
26/02/2023
तौहीद वही ख़ज़ाना है जिसकी क़द्र व अहमियत तक कोई भी चीज़ नहीं पहुंचती इसलिए कि अल्लाह की इबादत इंसान को दूसरों की ग़ुलामी और बंदगी से रिहाई दिलाती है।
21/02/2023
समाज के लोगों के बीच मुहब्बत, ख़ुलूस और अपनाइयत भी बेसत के ख़ज़ानों में से एक ख़ज़ाना है। समाज में ज़िंदगी हमदर्दी और मुरव्वत की फ़ज़ा में गुज़रना चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 18 फ़रवरी 2023
20/02/2023
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने 18 फ़रवरी 2023 को अपनी तक़रीर में पैग़म्बरे इस्लाम की बेसत और पैग़म्बरी के एलान के विषय पर रौशनी डाली। देश के ओहदेदारों और इस्लामी देशों के राजदूतों के बीच तक़रीर करते हुए उन्होंने पैग़म्बरे इस्लाम की बेसत को बेमिसाल ख़ज़ानों का स्रो क़रार दिया। (1)
18/02/2023