आज इंसानियत को बेसत के संदेश की ज़रूरत है

आज इंसान की ज़िंदगी उन इंसानों की इच्छाओं से पीड़ित है जो आध्यात्म से कोसों दूर हैं और उनके वजूद पर वासना छायी हुयी। इंसानियत को आज हमेशा से ज़्यादा बेसत के पैग़ाम की ज़रूरत है। इमाम ख़ामेनेई 24 सितम्बर 2003

आज इंसान की ज़िंदगी उन इंसानों की इच्छाओं से पीड़ित है जो आध्यात्म से कोसों दूर हैं और उनके वजूद पर वासना छायी हुयी। इंसानियत को आज हमेशा से ज़्यादा बेसत के पैग़ाम की ज़रूरत है।

इमाम ख़ामेनेई

24 सितम्बर 2003

17/01/2026

आज इंसानियत को बेसत के संदेश की ज़रूरत है
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