बेसत के अनमोल ख़ज़ाने; तौहीद
तौहीद वही ख़ज़ाना है जिसकी क़द्र व अहमियत तक कोई भी चीज़ नहीं पहुंचती इसलिए कि अल्लाह की इबादत इंसान को दूसरों की ग़ुलामी और बंदगी से रिहाई दिलाती है।
तौहीद वही ख़ज़ाना है जिसकी क़द्र व अहमियत तक कोई भी चीज़ नहीं पहुंचती इसलिए कि अल्लाह की इबादत इंसान को दूसरों की ग़ुलामी और बंदगी से रिहाई दिलाती है।
21/02/2023