पश्चिम का राजनैतिक और सुरक्षा वर्चस्व जमाने का स्वभाव है कि जिसकी जड़ें कई सदी पुरानी हैं। इस्लामी इंक़ेलाब की बुनियाद ही इस वर्चस्व को उखाड़ने के लिए पड़ी। अमरीका के मौजूदा राष्ट्रपति, दूसरे मुल्कों की स्वाधीनता के सबसे बड़े दुश्मन हैं।
12/11/2025
बिन गोरियन ने -जो इस्राईल के पहले प्रधान मंत्री थे- कहा था कि ग्रेटर इस्राईल नील से फ़ुरात तक होना चाहिए, इसलिए इस्राईल की क्षेत्र और दुनिया के लिए आगामी योजना से होशियार रहना चाहिए। आज और अभी से रेज़िस्टेंस के लिए तैयार रहना चाहिए।
20/10/2025
शरम-अलशैख़ समझौते के तहत फ़िलिस्तीनी रेज़िस्टेंस और ज़ायोनी शासन के बीच एक दूसरे के क़ैदियों की रिहाई, पिछले दो साल की जंग में निर्णायक मोड़ समझी जाती है; ऐसी घटना जिससे न सिर्फ़ यह कि ग़ज़ा पट्टी में थका देने वाली जंग का अंत हुआ, बल्कि क्षेत्र में ताक़त के नए संतुलन के बारे में राजनैतिक और रणनैतिक लेहाज़ से अहम संदेश सामने आए।
14/10/2025
सैयद हसन नसरुल्लाह इस्लामी दुनिया के लिए बहुत बड़ी संपत्ति थे सिर्फ़ शिया मत के लिए या सिर्फ़ लेबनान के लिए नहीं। सबसे बढ़कर यह कि उन्होंने एक प्रतिरोधी समाज और जान की बाज़ी लगाने वाले इंसान तैयार किए जो सत्य के परचम को लहराने और असत्य के मुक़ाबले में डटे रहने की कोशिश कर रहे हैं।
12/10/2025
रेज़िस्टेंस के प्रति इस्लामी गणराज्य ईरान और ईरान की बहादुर क़ौम के सपोर्ट के लिए शुक्रगुज़ार हैं
07/10/2025
नस्र के नाम से मशहूर ऐतिहासिक जुमे की नमाज़ की वर्षगांठ और "हमदर्द ईरान" कैम्पेन के चौथे चरण की शुरुआत के साथ, कोरोना और बंदर अब्बास की घटना से लेकर अल-अक़्सा तूफ़ान और ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ ज़ायोनी शासन की 12-दिवसीय जंग तक ईरानी राष्ट्र के सहानुभूति के जज़्बे को बयान करने के लिए एक प्रोग्राम मंगलवार की सुबह तेहरान के इमाम खुमैनी इमामबाड़े में आयोजित किया गया।
07/10/2025
लेबनान और फ़िलिस्तीन के डटे हुए अवाम! बहादुर मुजाहिदो! धैर्यवान व क़द्रदान अवाम! ये शहादतें, ये ज़मीन पर बहने वाला ख़ून आपके आंदोलन को कमज़ोर नहीं बल्कि ज़्यादा मज़बूत बनाएगा...इस वक़्त भी इलाक़े में प्रतिरोध इन शहादतों की वजह से पीछे नहीं हटेगा, रेज़िस्टेंस विजयी होगा। ग़ज़ा में प्रतिरोध ने दुनिया को हैरत में डाल दिया, इस्लाम का गौरव बढ़ाया। इमाम ख़ामेनेई 4 अक्तूबर 2024
05/10/2025
सैयद हसन नसरुल्लाह चले गए लेकिन जो संपत्ति उन्होंने पैदा की वह सचमुच बाक़ी है। लेबनान के हिज़्बुल्लाह की दास्तान एक ज़िंदा दास्तान है... यह लेबनान और ग़ैर लेबनान सबके लिए एक क़ीमती संपत्ति है। इमाम ख़ामेनेई 23 सितम्बर 2025
04/10/2025
रेज़िस्टेंस उनके रवैये से पैदा हुआ है और यह जितना ज़्यादा दबाव डालेंगे, रेज़िस्टेंस उतना ज़्यादा होता जाएगा।
02/09/2025
हमने ईरान की तरफ़ से मिसाइलों को इस्राईल की ओर जाते हुए देखा था। हर मिसाइल के उड़ने पर हम "या अली" का नारा लगाते थे।
16/08/2025
उनका रेज़िस्टेंस और प्रतिरोध के मोर्चे के जवानों पर बस नहीं चलता तो परिवार वालों पर टूट पड़ते हैं, बच्चों, मज़लूमों और बूढ़े लोगों की जान ले लेते हैं। मानवाधिकार के लिए शोर मचाकर दुनिया के कान के पर्दे फाड़ने वाले कहां हैं? क्या ये इंसान नहीं हैं? क्या इनके अधिकार नहीं हैं? इमाम ख़ामेनेई 10 अप्रैल 2024
02/05/2025
शक न कीजिए कि इस दृढ़ता का नतीजा, दुश्मनों की हार है। दुष्ट, भ्रष्ट और अपराधी ज़ायोनी सरकार की हार है।
22/03/2025