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टैग्स: महदवीयत

महदवीयतः इमाम महदी अलैहिस्सलाम इंसान के भविष्य को मुक्ति दिलाएंगे

महदवीयत के सिलसिले में एक बात यह है कि इस्लामी स्रोतों में, शिया किताबों में इमाम महदी अलैहिस्सलाम (अ-ज) के ज़ुहूर के इंतेज़ार को इंतेज़ारे फ़रज कहा गया है। इस फ़रज का क्या मतलब है? फ़रज यानी गिरह खोलने वाला। इमाम महदी अलैहिस्सलाम पूरी इंसानियत की गिरह खोलने और मुश्किलों को दूर करने के लिए ज़ाहिर होंगे और तमाम इंसानों को परेशानी से मुक्ति दिलाएंगे। मानव समाज को रिहाई दिलाएंगे बल्कि इंसान के भविष्य के इतिहास को नए तरीक़े से लिखेंगे। इमाम ख़ामेनेई 17/8/2008

01/08/2025

महदवीयतः सत्य और असत्य के बीच जंग, एक दिन सत्य की जीत के साथ ख़त्म होगी

अल्लाह के भेजे हुए आसमानी धर्मों ने, बिलावजह उम्मीदों की किरन पैदा नहीं की है। एक हक़ीक़त को उन्होंने बयान किया है। इंसानों की पैदाइश और मानवता की पूरी तारीख़ में एक हक़ीक़त मौजूद है और वह हक़ीक़त यह है कि सत्य और असत्य के बीच यह संघर्ष एक दिन सत्य की कामयाबी और असत्य की नाकामी पर ख़त्म होगा और उस दिन के बाद इंसान की हक़ीक़ी दुनिया और इंसान की पसंदीदा जिन्दगी शुरू होगी। उस वक़्त प्रतिस्पर्धा का मतलब जंग व दुश्मनी नहीं, बल्कि भलाई और पुन्य के कामों में प्रतिस्पर्धा होगी। यह एक हक़ीक़त है जो सभी धर्मों व मतों में संयुक्त रूप से पायी जाती है। इमाम ख़ामेनेई 17/8/2008

25/07/2025

महदवीयतः हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम से इश्क़ व श्रद्धा ख़ुद इस अज़ीम हस्ती की बरकतों में से है

आज, अलहम्दो लिल्लाह हमारी क़ौम में 'महदवीयत' और हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के पाक वजूद की ओर ध्यान व लगाव पहले से ज़्यादा है। दिन ब दिन इंसान महसूस कर रहा है, हमारे नौजवानों के मन में, एक एक शख़्स के बीच हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के पाक वजूद से लगाव, इश्क़ व श्रद्धा, ज़िक्र व याद का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। यह भी उस अज़ीम हस्ती की बरकतों में से है। उस अज़ीम हस्ती की लुत्फ़ की निगाह हमारी क़ौम पर है। उस अज़ीम हस्ती की हमारी क़ौम पर करम की निगाह ने ही उनके दिलों को इस रौशन हक़ीक़त की ओर केन्द्रित कर रखा है और ख़ुद यह चीज़ उस अज़ीम हस्ती की ख़ास तवज्जो का पता देती है। इसकी क़द्र करनी चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 17 अगस्त 2008

18/07/2025

महदवीयतः इमाम महदी अलैहिस्सलाम का वजूद, पैग़म्बरे इस्लाम की दावत का साक्षात रूप

यही न्याय का विषय, आज़ादी का विषय, इंसानी इज़्ज़त व मर्यादा का विषय, ये बातें जो आज दुनिया में प्रचलित हैं, पैग़म्बरों की बातें हैं। अल्लाह की ओर बुलाने वालों का यह सिलसिला आज भी जारी है और हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम का पाक वजूद अल्लाह की ओर बुलाने वाले सिलसिले की कड़ी है, जैसा कि ज़ियारत आले यासीन में आप कहते हैं: “सलाम हो आप पर हे अल्लाह की ओर बुलाने वाले और उसकी आयतों के आत्मज्ञानी” यानी आज आप वही इब्राहीम अलैहिस्सलाम की दावत, वही मूसा अलैहिस्सलाम की दावत, वही ईसा अलैहिस्सलाम की दावत, वही सभी पैग़म्बरों की दावत, वही सभी औलियाओं और ख़ुद आख़िरी पैग़म्बर की दावत, इमाम महदी अलैहिस्सलाम के वजूद में मुजस्सम देखते हैं। इमाम ख़ामेनेई 20/09/2005

11/07/2025

महदवीयतः इमाम महदी अलैहिस्सलाम से आध्यात्मिक लगाव और तवस्सुल

मुख़्तलिफ़ ज़ियारतों में मौजूद तवस्सुल जो आप देख रहे हैं, जिनमें से कुछ का रिफ़्रेन्स बहुत अच्छा है, ये बहुत क़ीमती हैं। दूर से ऐसी महान हस्ती से तवस्सुल, ध्यान और लगाव। इस तवस्सुल (और वंदना) को इमाम सुनते हैं और इंशा अल्लाह क़ुबूल फ़रमाएंगे। अगरचे हम अपने मुख़ातब से दूर से बात कर रहे हैं, लेकिन कोई बात नहीं। अल्लाह, सलाम करने वालों का सलाम और संदेश देने वालों का संदेश उन तक पहुंचाता है, यह तवस्सुल और आत्मिक लगाव बहुत अहम व ज़रूरी है। इमाम ख़ामेनेई 09/07/2011

27/06/2025

महदवीयतः चमकती हुई हक़ीक़त की छोटी सी झलक

इस्लामी सिस्टम में जिसका संपूर्ण नमूना इमाम महदी अलैहिस्सलाम (अल्लाह उन्हें जल्द ज़ाहिर करे) की हुकूमत होगी, अवाम के वोट हासिल करने के लिए धोखाधड़ी और चालबाज़ी जुर्म है, पैसा कमाने के लिए सत्ता का इस्तेमाल सबसे बड़ा जुर्म है। (उस हुकूमत में) हज़रत महदी के साथियों को (आर्थिक लेहाज़ से) सबसे निचले दर्जे में रहना  होगा। हमारा इस्लामी सिस्टम उस उज्जवल हुकूमत का एक छोटा सा नमूना है। हमने कभी भी यह दावा नहीं किया और न कभी करेंगे, लेकिन हमारे भीतर उसकी मिसाल होने की निशानी होनी चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 22/10/2002

20/06/2025

महदवीयतः इमाम महदी सरपरस्त हैं और देख रहे हैं

इमाम महदी अलैहिस्सलाम सरपरस्त और देख रहे हैं और हर उस चीज़ पर जो हमारे मुसलमान होने की निशानी है और जिसमें हमारे ईमान के ठोस होने की निशानी पायी जाती है ख़ुश होते हैं। और अगर ख़ुदा नख़ास्ता इसका उलट हम करते हैं तो इमाम महदी अलैहिस्सलाम दुखी होते हैं, देखिए यह कितना बड़ा सबब है। इमाम ख़ामेनेई 20/10/2005

23/05/2025

महदवीयत: इमाम महदी अलैहिस्सलाम की मौजूदगी के जलवे

बहुत से बुज़ुर्गों ने इसी ग़ैबत के दौर में आशिक़ों के दिलों के महबूब उस अज़ीज़ को क़रीब से देखा और दर्शन किया है। बहुत से लोगों ने उनकी बैअत की है। बहुस से लोगों ने उनसे मन को ख़ुश करने वाली बातें सुनी हैं और बहुत से हैं जिन्होंने उनकी मेहरबानी देखी है और बहुत से दूसरे लोग हैं जिन्होंने बग़ैर इसके कि उन्हें पहचानें उनकी मोहब्बत, लुत्फ़ व मेहरबानी देखी मगर पहचान नहीं सकें हैं। इमाम ख़ामेनेई 24/11/1991

08/05/2025

महदवीयतः ज़मीन हमेशा से ज़्यादा समतल है

हम इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़ुहूर के ज़माने से, नज़दीक हो चुके हैं, क्योंकि आत्मज्ञान विकसित हुआ है। आज इंसान की ज़ेहनियत इस बात को समझने, जानने और यक़ीन करने के लिए तैयार हो चुकी है कि एक महान इंसान ज़रूर आएगा और इंसानियत को ज़ुल्म से मुक्ति दिलाएगा, वही चीज़ जिसकी सभी नबियों ने कोशिश की है, वही चीज़ जिसका पैग़म्बरे इस्लाम ने लोगों से क़ुरआन में वादा किया है। लोगों के मन, लगाव और मोहब्बतें दिन ब दिन इस बिन्दु की ओर ज़्यादा से ज़्यादा केन्द्रित होती जा रही हैं। इमाम ख़ामेनेई 24/11/1999

02/05/2025

महदवीयत: महदवीयत के ख़िलाफ़ साम्राज्यवाद की साज़िशें

साम्राज्यवाद के बड़े सरग़ना और कमांडर इस बात की ताकीद करते हैं कि हमें ऐसा काम करना चाहिए की अवाम का महदवीयत पर अक़ीदा धीरे धीरे ख़त्म हो जाए! साम्राज्यवादियों ने यह नतीजा निकाला था कि जब तक लोगों के बीच महदवीयत का अक़ीदा बाक़ी रहेगा, तब तक हम उनको अपने कंट्रोल में नहीं ले सकते! देखिए! महदवीयत का अक़ीदा कितना अहम है! वे लोग ग़लती करते हैं जो प्रबुद्धता (रौशनफ़िक्री) और बदलाव के नाम पर इस्लामी अक़ीदे पर, बिना अध्ययन के, बिना इल्म के और यह जाने बिना कि वे क्या कर रहे हैं, सवालिया निशान लगाते हैं। इमाम ख़ामेनेई 07/01/1997

11/04/2025

महदवीयतः जो क़ौम इमाम महदी के ज़ाहिर होने का अक़ीदा रखती है वह कभी घुटने नहीं टेकती

जो क़ौम अल्लाह पर ईमान और भरोसा रखती है, भविष्य के प्रति उम्मीद से भरी रहती है और ग़ैब के पर्दे में मौजूद हस्तियों से संपर्क में है, वह क़ौम जिसके मन में भविष्य, ज़िन्दगी, अल्लाह की मदद की उम्मीद जगमगा रही है, वह कभी घुटने नहीं टेकेगी। यह इमाम महदी अलैहिस्सलाम पर ईमान रखने की ख़ुसूसियत है।(उन पर हमारा हज़ारों सलाम हो)। इमाम महदी अलैहिस्सलाम पर ईमान, इंसान के मन पर भी, उसकी सामाजिक गतिविधियों पर भी, उसके वर्तमान और भविष्य पर भी इस तरह का अज़ीम असर डालती है। इसकी क़द्र व क़ीमत को समझना चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 07/01/1996

28/02/2025

महदवीयत:उम्मीद की ईद, दुश्मन की ओर से बनाए जाने वाले माहौल के ठीक मुक़ाबले में

अगर आप साम्राज्यवाद के नीति निर्धारकों और साज़िश रचने वालों को देखें तो पाएंगे कि उनके सबसे अहम कामों और लक्ष्यों में से एक यह है कि लोगों के सामने, उन सुधारों के सिलसिले में, जिन्हें अंजाम पाना चाहिए, मायूसी का माहौल पैदा कर दें, क़ौमें सुधार की ओर से मायूस हो जाएं ताकि साम्राज्यवाद का हथकंडा कामयाब हो जाए वरना अगर क़ौमें उम्मीद से भरपूर हों, उम्मीद से भरपूर रहें तो साम्राज्यवाद का हथकंडा ज़्यादा कामयाब नहीं होगा। इस सोच के बिल्कुल ख़िलाफ़, इंतेज़ार की सोच है जो हमारे माहौल और अहलेबैत अलैहेमुस्सलाम के मानने वालों के माहौल पर छायी हुयी है। इंतेजार यानी इंसानी ज़िन्दगी के अंत के सिलसिले में दिल का उम्मीद से भरा होना। इमाम ख़ामेनेई 19/2/1992

21/02/2025

अंतिम जीत, जो ज़्यादा दूर नहीं, फ़िलिस्तीनी जनता और फ़िलिस्तीन की होगी। 

03/11/2023

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  • Iraqi tribal sheikhs welcomed in Mashhad, with a greeting from the Leader conveyed to them
  • The face of deception: The US and the crimes it dares to defend
  • Martyr Imam Khamenei believed that Al-Aqsa Flood would have far-reaching impacts
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  • Le magazine « Le Bon Côté de l’Histoire », n° 35
  • Accueil des cheikhs des tribus irakiennes à Machhad, avec le message de bienvenue du Guide de la Révolution
  • L’irrationalité des dirigeants américains
Español
  • Irreparable: crónica de los fracasos del régimen sionista
  • El día que estuve contigo
  • La sepultura purificada del Líder mártir de la Revolución Islámica y de los mártires de su familia
Русский
  • Ослабление США — не лозунг!
  • Карта мира снова меняется!
  • Показатели мощи США — в свободном падении!
हिंदी
  • यहाँ आने वाले सभी अज़ीज़ों को सलाम...
  • इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबर के रौज़े के पास "अमरीका मुर्दाबाद", "इस्राईल मुर्दाबाद" के नारे
  • अमरीकियों को आज्ञाकारी नौकर चाहिए
Azəri
  • Zəncanda 80 şairin iştirakı ilə "Şəhid Ağa" adlı beynəlxalq şeir gecəsi keçirilib
  • İnqilabın Ali Rəhbərinin Müqəddəs Müdafiə Həftəsi və şəhid Seyid Həsən Nəsrullahın şəhadətinin ildönümü münasibətilə müraciəti
  • İslam İnqilabı Rəhbərinin "İranın şəhid Ağası"nın vida və dəfn mərasimi münasibətilə müraciəti
العربية
  • تكريمٌ لأهل الوفاء.. شيوخ العشائر في رحاب الرضا (ع)
  • الإمام الشهيد السيد علي الخامنئي.. قلبٌ معلّق بالزهراء (سلام الله عليها) ومجالسٌ عامرةٌ بذكرها
  • عند مضجع القائد الشهيد.. عزاءٌ يفيضُ وفاء
اردو
  • یہاں آنے والے سبھی عزیزوں کو سلام...
  • رہبر شہید انقلاب اسلامی کے مزار کے جوار میں "امریکا مردہ باد" اور "اسرائیل مردہ باد" کے نعرے
  • "کشور دوست کے میڈل جیتنے والے" پروگرام میں سائنس اور اسپورٹس کے میدانوں میں تمغے جیتنے والوں کے اعزاز میں تقریب کا آغاز

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