महदवीयतः इमाम महदी सरपरस्त हैं और देख रहे हैं
इमाम महदी अलैहिस्सलाम सरपरस्त और देख रहे हैं और हर उस चीज़ पर जो हमारे मुसलमान होने की निशानी है और जिसमें हमारे ईमान के ठोस होने की निशानी पायी जाती है ख़ुश होते हैं। और अगर ख़ुदा नख़ास्ता इसका उलट हम करते हैं तो इमाम महदी अलैहिस्सलाम दुखी होते हैं, देखिए यह कितना बड़ा सबब है।
इमाम ख़ामेनेई
20/10/2005
इमाम महदी अलैहिस्सलाम सरपरस्त और देख रहे हैं और हर उस चीज़ पर जो हमारे मुसलमान होने की निशानी है और जिसमें हमारे ईमान के ठोस होने की निशानी पायी जाती है ख़ुश होते हैं। और अगर ख़ुदा नख़ास्ता इसका उलट हम करते हैं तो इमाम महदी अलैहिस्सलाम दुखी होते हैं, देखिए यह कितना बड़ा सबब है।
इमाम ख़ामेनेई
20/10/2005
23/05/2025