इमाम महदी अलैहिस्सलाम सरपरस्त और देख रहे हैं और हर उस चीज़ पर जो हमारे मुसलमान होने की निशानी है और जिसमें हमारे ईमान के ठोस होने की निशानी पायी जाती है ख़ुश होते हैं। और अगर ख़ुदा नख़ास्ता इसका उलट हम करते हैं तो इमाम महदी अलैहिस्सलाम दुखी होते हैं, देखिए यह कितना बड़ा सबब है। इमाम ख़ामेनेई 20/10/2005
23/05/2025
दुनिया भर के काफ़िरों और दुश्मनों के सभी मज़बूत क़िले तुम्हारे ईमान, तुम्हारे अच्छे कर्म और तुम्हारे अनुशासन के सामने ढह जाएंगे, तबाह हो जाएंगे।
14/03/2024
पैग़म्बरे इस्लाम अपनी उस अज़मत और मरतबे के बावजूद इबादत की तरफ़ से कभी ग़ाफ़िल नहीं हुए। आधी रात को दुआ और इस्तेग़फ़ार करते थे। उम्मे सलमा ने पूछा कि आपको अल्लाह इतना चाहता है फिर भी आप गिरया करते हैं? हज़रत ने फ़रमाया कि अगर मैं अल्लाह से ग़ाफ़िल हो जाऊं तो कौन सी चीज़ मुझे बचाएगी? यह हमारे लिए सबक़ है। इमाम ख़ामेनेई 27 सितम्बर 1991
01/03/2022