महदवीयत: इमाम महदी अलैहिस्सलाम की मौजूदगी के जलवे

बहुत से बुज़ुर्गों ने इसी ग़ैबत के दौर में आशिक़ों के दिलों के महबूब उस अज़ीज़ को क़रीब से देखा और दर्शन किया है। बहुत से लोगों ने उनकी बैअत की है। बहुस से लोगों ने उनसे मन को ख़ुश करने वाली बातें सुनी हैं और बहुत से हैं जिन्होंने उनकी मेहरबानी देखी है और बहुत से दूसरे लोग हैं जिन्होंने बग़ैर इसके कि उन्हें पहचानें उनकी मोहब्बत, लुत्फ़ व मेहरबानी देखी मगर पहचान नहीं सकें हैं।

इमाम ख़ामेनेई

24/11/1991

बहुत से बुज़ुर्गों ने इसी ग़ैबत के दौर में आशिक़ों के दिलों के महबूब उस अज़ीज़ को क़रीब से देखा और दर्शन किया है। बहुत से लोगों ने उनकी बैअत की है। बहुस से लोगों ने उनसे मन को ख़ुश करने वाली बातें सुनी हैं और बहुत से हैं जिन्होंने उनकी मेहरबानी देखी है और बहुत से दूसरे लोग हैं जिन्होंने बग़ैर इसके कि उन्हें पहचानें उनकी मोहब्बत, लुत्फ़ व मेहरबानी देखी मगर पहचान नहीं सकें हैं।

इमाम ख़ामेनेई

24/11/1991

08/05/2025

महदवीयत: इमाम महदी अलैहिस्सलाम की मौजूदगी के जलवे