इस्लामी घराना: ग़लत तरबियत बच्चों का अधिकार छीन लेना है
एक नौजवान का पढ़ना लिखना, इबादत करना, अच्छा अख़लाक़, समाज सेवा, सही और उचित खेल कूद और ज़िन्दगी में अच्छी आदतें और तौर तरीक़े अपनाना, ये सब अच्छे काम हैं। कुछ घरानों में नौजवानों के अधिकारों का ख़याल नहीं रखा जाता और कुछ परिवारों में ख़ास तौर पर बच्चों के अधिकारों का ख़याल नहीं रखा जाता, इन सब बातों की ओर उनका ध्यान ले जाना चाहिए और उन्हें बताना चाहिए कि बच्चों के अधिकारों का हनन सिर्फ़ यह नहीं है कि उनके साथ मोहब्बत न करे, जी नहीं! ग़लत तरबियत, उनके प्रति लगाव न होना, उनकी ज़रूरतों का ख़याल न रखना, मोहब्बत में कमी और इसी तरह की दूसरी बातें भी उन पर ज़ुल्म के दायरे में आती हैं।
इमाम ख़ामेनेई
15/12/2000
एक नौजवान का पढ़ना लिखना, इबादत करना, अच्छा अख़लाक़, समाज सेवा, सही और उचित खेल कूद और ज़िन्दगी में अच्छी आदतें और तौर तरीक़े अपनाना, ये सब अच्छे काम हैं। कुछ घरानों में नौजवानों के अधिकारों का ख़याल नहीं रखा जाता और कुछ परिवारों में ख़ास तौर पर बच्चों के अधिकारों का ख़याल नहीं रखा जाता, इन सब बातों की ओर उनका ध्यान ले जाना चाहिए और उन्हें बताना चाहिए कि बच्चों के अधिकारों का हनन सिर्फ़ यह नहीं है कि उनके साथ मोहब्बत न करे, जी नहीं! ग़लत तरबियत, उनके प्रति लगाव न होना, उनकी ज़रूरतों का ख़याल न रखना, मोहब्बत में कमी और इसी तरह की दूसरी बातें भी उन पर ज़ुल्म के दायरे में आती हैं।
इमाम ख़ामेनेई
15/12/2000
01/11/2025