क़ुम में शहीद रहबर की मजलिस का आयोजन, विदेशी स्टूडेंट्स और ओलमा की शिरकत

क़ुम में शहीद रहबर की मजलिस का आयोजन, विदेशी स्टूडेंट्स और ओलमा की शिरकत

शिया जगत के वरिष्ठ धर्मगुरू और इस्लामी जगत के महान नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के शहीदों के लिए शनिवार 18 जुलाई 2026 की शाम को क़ुम में एक मजलिस का आयोजन हुआ।

यह प्रोग्रामअलमुस्तफ़ा यूनिवर्सिटी के अंतर्राष्ट्रीय विभागधार्मिक शिक्षा केन्द्रों के अंतर्राष्ट्रीय विभागोंतक़रीबे मज़ाहिबे इस्लामी अंतर्राष्ट्रीय संगठनमजलिसे अहलेबैत असेंबलीइस्लामी संस्कृति व संबंध संगठन और हज व ज़ियारत विभाग में वलीए फ़क़ीह के प्रतिनिधि कार्यालय की ओर से आयोजित किया गया। यह प्रोग्राम शनिवार 18 जुलाई 2026 को क़ुम में हज़रत मासूमा के रौज़े के इमाम ख़ुमैनी हॉल में मग़रिब और इशा की नमाज़ के बाद आयोजित हुआ।

इस मजलिस में धार्मिक शिक्षा केन्द्र के ओलमाशिक्षकोंग़ैर-ईरानी छात्रों और छात्राओं और अवाम के मुख़्तलिफ़ वर्गों ने शिरकत की। आध्यात्मिक माहौल में क़ुरआन मजीद की तिलावत और मर्सिये के ज़रिए इस्लामी जगत के शहीद रहबर की याद को ताज़ा किया गया। 

विशेषज्ञ परिषद के सदस्य आयतुल्लाह मोहसिन अराकी ने मजलिस पढ़ी। उन्होंने मजलिस में कहा कि इस्लामी इंक़ेलाब के शहीद रहबरइमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के जज़्बे में जान डालने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास के मुख़्तलिफ़ दौर में कभी कभी हुसैनी समाज के जोश व जज़्बे में कमी आ जाती हैतो ऐसे हालात में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जैसे ख़ून का नज़राना पेश किया जाता है जिससे समाज को गति मिलती है और इंसानों की फ़ितरत को दोबारा ज़िंदा कर देती है। 

आयतुल्लाह अराकी ने कहा कि शहीद रहबर के ख़ून के बदले की कोशिश हक़ीक़त में दुनिया में न्याय और भलाई क़ायम करने की कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कुफ़्र के सरग़नाओं को सज़ा दिए बिना छोड़ दिया जाए तो न सिर्फ़ दुनिया ज़ुल्म से भर जाएगी बल्कि ज़ुल्म दुनिया का सबसे बड़ा संस्कार बन जाएगा। 

उन्होंने कहा कि शहीद रहबर के ख़ून का बदलाइमाम महदी अलैहिस्सलाम -अल्लाह उन्हें जल्द ज़ाहिर करे- के प्रकट होने की भूमिका और हमारी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ईमानी समाज और रेज़िस्टेंस मोर्चे की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी और शरई फ़रीज़ाख़ून का बदला लेने की कोशिश करना है।

अलबत्ता हमारा बदला सिर्फ़ ट्रम्प से नहीं बल्कि उसके तमाम साथियों यहाँ तक कि उसके सिपाहियों से भी है।

19/07/2026