हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा एक महिला हैं, इस्लामी महिलाओं में सबसे ऊंची चोटी पर मौजूद महिला यानी वह महिला जो एक रहनुमा है। मगर यही महिला जो महानताओं के लेहाज़ से पैग़म्बर होने की क़ाबिलियत रखती थीं, माँ के फ़रीज़े को अंजाम देती हैं, बीवी का रोल अदा करती हैं, घर के काम अंजाम देती हैं। आप देखिए! इन चीज़ों को समझने की ज़रूरत है। इमाम ख़ामेनेई 19 मार्च 2017
25/11/2025
मैं उम्मीद करता हूं कि हमारे समाज की बच्चियां और महिलाएं हज़रत ज़ैनब की शख़्सियत में मौजूद आइडियल पर ग़ौर करें और अपनी शख़्सियत के लिए उसी को पैमाना बनाएं। बाक़ी चीज़ें तो हाशिए की हैं। इमाम ख़ामेनेई 16 जून 2005
01/12/2022
अगर औरत का आइडियल हज़रत ज़ैनब और हज़रत फ़ातेमा सलामुल्लाह अलैहा हों, तो उसका काम है सही समझ, परिस्थितियों को समझने में होशियारी और बेहतरीन कामों का चयन, चाहे उसके लिए क़ुर्बानी देनी हो और हर चीज़ बलिदान करना पड़े। इमाम ख़ामेनेई 13 नवम्बर 1991
08/12/2021