जब आइडियल हज़रत ज़ैनब हों

अगर औरत का आइडियल हज़रत ज़ैनब और हज़रत फ़ातेमा सलामुल्लाह अलैहा हों, तो उसका काम ‎है सही समझ, परिस्थितियों को समझने में होशियारी और बेहतरीन कामों का चयन, चाहे उसके लिए ‎क़ुर्बानी देनी हो और हर चीज़ बलिदान करना पड़े। इमाम ख़ामेनेई 13 नवम्बर 1991

अगर औरत का आइडियल हज़रत ज़ैनब और हज़रत फ़ातेमा सलामुल्लाह अलैहा हों, तो उसका काम ‎है सही समझ, परिस्थितियों को समझने में होशियारी और बेहतरीन कामों का चयन, चाहे उसके लिए ‎क़ुर्बानी देनी हो और हर चीज़ बलिदान करना पड़े।

इमाम ख़ामेनेई

13 नवम्बर 1991

08/12/2021

जब आइडियल हज़रत ज़ैनब हों