मैं यह कहना चाहता हूं ऐ इमाम अली बिन मूसा रज़ा यह मेरा दिल, आपका है। मैं आपसे कुछ चीज़ें मांगता हूं। लेकिन मैं ख़ुद क्या देना चाहता हूं ताकि मेरे काम की वो गिरहें खुल जाएं। वह चीज़ जो मैं आपके पास रखना चाहता हूं, वह मेरा दिल है।
21/05/2024
हमारी सरज़मीन में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के पाक रौज़े के वजूद और पूरे मुल्क और हमारे अवाम के दिलों में उनके आध्यात्मिक वजूद की बरकत पूरी तरह स्पष्ट है। आठवें इमाम अलैहिस्सलाम आध्यात्मिक, वैचारिक और भौतिक लेहाज़ से हमारी क़ौम के सरपरस्त हैं। इमाम ख़ामेनेई 15/03/2003
19/05/2024
हमारी सरज़मीन में इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के पाक रौज़े के वजूद और पूरे मुल्क और हमारे अवाम के दिलों में उनके आध्यात्मिक वजूद की बरकत पूरी तरह स्पष्ट है। आठवें इमाम अलैहिस्सलाम आध्यात्मिक, वैचारिक और भौतिक लेहाज़ से हमारी क़ौम के सरपरस्त हैं। इमाम ख़ामेनेई 15/03/2003
18/05/2024
इस्लामी इंक़ेलाब के नेता सैयद अली ख़ामेनेई ने 8 मई 2024 को पांचवी इमाम रज़ा अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेंस अकैडमिक बोर्ड के सदस्यों से ख़ेताब किया।
13/05/2024
पांचवीं इमाम रज़ा अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेंस अकैडमिक बोर्ड के सदस्यों से मुलाक़ात में सुप्रीम लीडर की स्पीच
13/05/2024
ऐ अल्लाह! हज़रत अली बिन मूसा रेज़ा पर दुरूद भेज, जो साहिबे रेज़ा, पसंदीदा, इमाम, परहेज़गार, पाकीज़ा हैं और हर उस चीज़ पर तेरी हुज्जत हैं जो ज़मीन पर और ज़मीन के नीचे है।
19/03/2023
इस्लामी इंक़ेबला के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने पवित्र शहर मशहद में इमाम रज़ा अलैहिल्सलाम के रौज़े की ज़ियारत की और पवित्र ज़रीह की सफ़ाई के रूहानी कार्यक्रम ‘ग़ुबार रूबी’ में हिस्सा लिया।
29/08/2022
इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की उम्र लगभग 55 साल है। 55 साल की इस उम्र में लगभग 20 साल का समय उनकी इमामत का समय है। जब हज़रत की इमामत का दौर ख़त्म हुआ और आपको शहीद कर दिया गया तो अगर आप उस वक़्त के हालात देखिए तो महसूस करेंगे कि अहले बैते रूसूल से मुहब्बत का सिलसिला इस्लामी जगत में इस व्यापकता और गहराई के साथ फैल चुका था कि ज़ालिम अब्बासी सल्तनत उस पर क़ाबू पाने में नाकाम थी। यह कारनामा इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम ने अंजाम दिया। इमाम ख़ामेनई Sept 17, 2013
21/10/2021
पैग़म्बरे इस्लाम के वंशज और आठवें इमाम हज़रत अली रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत की बरसी पर तेहरान में इमाम ख़ुमैनी इमामबाड़े में गुरुवार 7 अक्तूबर की सुबह मजलिस आयोजित हुई जिसमें इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनेई ने शिरकत की।
07/10/2021