अगर (अमरीका) ज़ायोनी शासन का सपोर्ट करना पूरी तरह छोड़ दे, यहाँ (क्षेत्र) से अपनी सैन्य छावनियों को ख़त्म कर दे, इस इलाक़े में हस्तक्षेप न करे, उस वक़्त इस मसले की समीक्षा की जा सकती है।
16/11/2025
ईरानी क़ौम ने इस वाक़ए में अपनी महानता का, अपनी अज़ीम शख़्सियत का परिचय दिया और यह दर्शा दिया कि ज़रूरत पड़ने पर इस क़ौम से एक सुर सुनाई देगा।
30/06/2025
अज़ीज़ राष्ट्रपति ने ईरान को दुनिया की राजनैतिक हस्तियों की नज़र में ज़्यादा बड़ा और नुमायां कर दिया। इसीलिए आज राजनैतिक हस्तियां जो उनके बारे में बात करती हैं, उन्हें एक नुमायां शख़्सियत बताती हैं।
05/06/2024
ईरान की 5800 किलोमीटर की तटवर्ती पट्टी है जिसमें 4900 किलोमीटर मुल्क के दक्षिणी हिस्से में है जो आज़ाद समुद्री क्षेत्र से जुड़ी है। दुनिया से संपर्क के लिए ईरान को किसी भी मुल्क की इजाज़त की ज़रूरत नहीं है।
10/08/2023
कोरोना की मुश्किल हलके हो जाने के बाद, उम्मीद जगाने वाली इस बैठक के आयोजन पर अल्लाह का बहुत शुक्रगुज़ार हूं।
26/10/2022
यह हंगामे मंसूबे के साथ करवाए गए। बाहरी सरकारों को यह महसूस हो रहा है, नज़र आ रहा है कि मुल्क हर पहलू से मज़बूती की तरफ़ बढ़ रहा है और यह उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। वो नहीं चाहतीं कि ऐसा हो। इस तरक़्क़ी को रोकने के लिए उन्होंने यह साज़िश रची थी। इमाम ख़ामेनेई 3 अकतूबर 2022
25/10/2022
अमरीका ताक़तवर ईरान का विरोधी है, इंडिपेंडेंट ईरान का विरोधी है। उन्हें इस्लामी जुमहूरिया से गहरी दुश्मनी है। इसमें कोई शक ही नहीं लेकिन इस्लामी जुमहूरिया के अलावा ख़ुद ताक़तवर ईरान के भी ख़िलाफ़ हैं, उस ईरान के ख़िलाफ़ हैं जो इंडिपेंडेंट हो। उन्हें पहलवी हुकूमत के दौर का ईरान पसंद है जो दूध देने वाली गाय हो। उनके हुक्म का पाबंद हो। मुल्क का बादशाह हर फ़ैसले के लिए ब्रिटेन और अमरीका के राजदूत की रज़मंदी लेने पर मजबूर हो। इमाम ख़ामेनेई 3 अकतूबर 2022
16/10/2022
तेहारन के दौरे पर आए ताजेकिस्तान के राष्ट्रपति इमाम अली रहमान ने अपने शिष्टमंडल के साथ सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।
30/05/2022
इस्लामी क्रांति के लीडर ने बुधवार की सुबह ईरान की संसद मजलिसे शूराए इस्लामी के सभापति और सांसदों से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में उन्होंने ख़ुर्रमशहर की फ़तह को एक कटु समीकरण के एक मधुर समीकरण में बदलने और राष्ट्रीय मुक्ति के व्यवहारिक होने का प्रतीक क़रार दिया और इस बदलाव के मुख्य कारकों की तरफ़ इशारा करते हुए कहाः कठिन, पेचीदा और कटु हालात से गुज़रने और जीत व कामयाबी तक पहुंचने का नियम, जेहादी क्रियाकलाप, ठोस इरादा, कामों में नयापन, क़ुर्बानी, दूरदर्शिता और सबसे बढ़ कर निष्ठा और अल्लाह पर भरोसा है।
25/05/2022