ईरान की तरक़्क़ी दुश्मनों से बर्दाश्त नहीं हो रही है

यह हंगामे मंसूबे के साथ करवाए गए। बाहरी सरकारों को यह महसूस हो रहा है, नज़र आ रहा है कि मुल्क हर पहलू से मज़बूती की तरफ़ बढ़ रहा है और यह उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है। वो नहीं चाहतीं कि ऐसा हो। इस तरक़्क़ी को रोकने के लिए उन्होंने यह साज़िश रची थी। इमाम ख़ामेनेई 3 अकतूबर 2022

25/10/2022

ईरान की तरक़्क़ी दुश्मनों से बर्दाश्त नहीं हो रही है