इमाम महदी जिन पर हमारी जानें क़ुर्बान, दुनिया के ज़ालिमों का गरेबान पकड़ेंगे और ज़ुल्म के महलों को ढा देंगे।
16/02/2025
दुनिया के अंत के क़रीब मुक्तिदाता के प्रकट होने के बारे में सभी इब्राहीमी धर्म एकमत हैं।
16/02/2025
क़ौम पर हज़रत इमाम महदी (उन पर हमारी जानें क़ुर्बान) की मेहरबान नज़र हमारी ज़िंदगी पर और हमारे अमल पर बड़ा असर रखती है
16/02/2025
"हम इंतेज़ार कर रहे हैं" यानी हमें यह उम्मीद है कि यह दुनिया हमारी लगातार कोशिशों के साए में एक दिन ऐसी दुनिया में बदल जाएगी जिसमें इंसानियत और इंसानी वैल्यूज़ का सम्मान होगा और ज़ालिम, मुंहज़ोर और इंसानों के अधिकारों पर डांका डालने वालों को अपनी इच्छाओं को पूरी करने के लिए कोई मौक़ा व जगह नहीं मिलेगी। इमाम ख़ामेनेई 2/3/1991
17/01/2025
इमाम महदी अलैहिस्सलाम के दौर से (अल्लाह उन्हें जल्द ज़ाहिर करे) इंसान की हक़ीक़ी ज़िन्दगी, इंसानियत की इस विशाल फ़ैमिली की सच्ची ख़ुशक़िस्मती शुरू होगी। इस धरती के संसाधनों, क्षमताओं और स्पेस में छिपी ऊर्जाओं का, बिना नुक़सान, बिना क्षति, बिना विनाश व बर्बादी के इंसान के लिए इस्तेमाल करना, मुमकिन होगा। इमाम ख़ामेनेई 14/03/2001
10/01/2025
दुनिया की धारा हक़ के अधिकार और सुधार की ओर बढ़ रही है। इसमें शक की गुंजाइश नहीं है। सभी पैग़म्बर और महापुरुष इसलिए आए ताकि इंसान को उसी असली रास्ते की ओर ले जाएं कि जब वह उसमें पहुंच गया तो बिना किसी रुकावट के इंसान की सभी सलाहियतें सामने आ सकती हैं। यह चीज़ इमाम महदी अलैहिस्सलाम के दौर में कि उन पर हमारी जानें क़ुर्बान हों, अमली होगी। इमाम ख़ामेनेई 02/12/2000
03/01/2025
इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़ुहूर के ज़माने में (अल्लाह उन्हें जल्द ज़ाहिर करे) किसी भी शक्ल में ज़ुल्म व सितम नहीं होगा, वह ज़माना जिसमें इंसान की सोच और उसकी अक़्ल किसी भी ज़माने की तुलना में ज़्यादा ऐक्टिव व सकारात्मक होगी, वह ज़माना कि जिसमें क़ौमें, एक दूसरे से जंग नहीं करेंगी, दुनिया भर में पूरी तरह अमन व सुकून होगा। उस ज़माने के लिए कोशिश करनी चाहिए। इमाम ख़ामेनेई 19/02/1992
27/12/2024
इमाम महदी अलैहिस्सलाम (अल्लाह उन्हें जल्द ज़ाहिर करे) की हुकूमत, सही मानी में अवाम की हुकूमत होगी। मतलब यह कि वह लोगों के ईमान, संकल्प और सहयोग पर आधारित होगी। इमाम महदी, अकेले ही दुनिया को न्याय व इंसाफ़ से नहीं भर देंगे, वह मोमिनों की मदद और उनके सहारे से पूरी दुनिया में पाकीज़ा न्याय को क़ायम करेंगे और वह सौ फ़ीसदी अवाम की हुकूमत क़ायम करेंगे। इमाम ख़ामनेई 22/10/2002
20/12/2024
इमाम महदी की हुकूमत का सबसे अहम नारा है, न्याय व इंसाफ़। इमाम महदी पूरी दुनिया को, किसी एक जगह को नहीं, न्याय से भर देंगे और हर जगह न्याय व इंसाफ़ क़ायम कर देंगे। इमाम महदी के बारे में जो रवायतें हैं, उनमें भी यही बात मिलती है। इसलिए इमाम महदी के ज़ाहिर होने का इंतेज़ार करने वालों की पहली अपेक्षा, पहले चरण में न्याय व इंसाफ़ क़ायम होना है। इमाम ख़ामेनेई 22/10/2002
13/12/2024
इमाम महदी का ज़ाहिर होना जिस चीज़ की ख़ुशख़बरी देता है वह एकेश्वरवादी दुनिया है जिसका निर्माण न्याय की बुनियाद पर और उन सभी सलाहियतों को इस्तेमाल करते हुए की गयी जो अल्लाह ने इंसान के वजूद में रखी हैं, हज़रत इमाम महदी अलैहिस्सलाम के ज़ाहिर होने का ज़माना ऐसा ज़माना होगा। वह एकेश्वरवादी समाज का ज़माना है, सही मानी में न्याय और अध्यात्म के पूरी तरह प्रभुत्व का ज़माना है। इमाम ख़ामेनेई 09/07/2011
06/12/2024
इमाम महदी अलैहिस्सलाम हमारी इलतेजा और अल्लाह की बारगाह में उन्हें सिफ़ारिश का वसीला क़रार दिए जाने की गुज़ारिश को सुनते हैं और हमारी इलतेजा को क़ुबूल भी करते हैं। हम अपने सुनने वाले से जो हमसे दूर है, अपने दिल का हाल बयान करते हैं तो इसमें कोई हरज नहीं है। अल्लाह सलाम करने वालों और पैग़ाम देने वालों का पैग़ाम और सलाम इमाम महदी तक पहुंचाता है। यह वसीला क़रार देना और यह आध्यात्मिक लगाव अच्छा और ज़रूरी काम है। इमाम ख़ामेनेई 09/07/2011
22/11/2024
आज इंसान का मन यह जानने, समझने और यक़ीन करने के लिए तैयार है कि एक अज़ीम इंसान आएगा और इंसानियत को ज़ुल्म व सितम से मुक्ति दिलाएगा। यह वही चीज़ है जिसका वादा पैग़म्बरे इस्लाम सल्लललाहो अलैहि वआलेही वसल्लम के ज़रिए क़ुरआन मजीद में किया गया है। "और वह उन पर से संगीन बोझ उतारता और बंदिशें खोलता है।" (सूरए आराफ़, आयत-157) इमाम ख़ामेनेई 24/11/1999
06/09/2024