ज़मीन के रिसोर्सेज़ का बिना नुक़सान के इस्तेमाल

इमाम महदी अलैहिस्सलाम के दौर से (अल्लाह उन्हें जल्द ज़ाहिर करे) इंसान की हक़ीक़ी ज़िन्दगी, इंसानियत की इस विशाल फ़ैमिली की सच्ची ख़ुशक़िस्मती शुरू होगी। इस धरती के संसाधनों, क्षमताओं और स्पेस में छिपी ऊर्जाओं का, बिना नुक़सान, बिना क्षति, बिना विनाश व बर्बादी के इंसान के लिए इस्तेमाल करना, मुमकिन होगा।

इमाम ख़ामेनेई

14/03/2001

इमाम महदी अलैहिस्सलाम के दौर से (अल्लाह उन्हें जल्द ज़ाहिर करे) इंसान की हक़ीक़ी ज़िन्दगी, इंसानियत की इस विशाल फ़ैमिली की सच्ची ख़ुशक़िस्मती शुरू होगी। इस धरती के संसाधनों, क्षमताओं और स्पेस में छिपी ऊर्जाओं का, बिना नुक़सान, बिना क्षति, बिना विनाश व बर्बादी के इंसान के लिए इस्तेमाल करना, मुमकिन होगा।

इमाम ख़ामेनेई

14/03/2001

10/01/2025

ज़मीन के रिसोर्सेज़ का बिना नुक़सान के इस्तेमाल