उस महापुरुष को विदा करने में सिर्फ़ 1 दिन
जो हर दिन क़ुरआन की तिलावत करता था और सभी से कहता था कि क़ुरआन पढ़ें। वह शख़्स जिस के लिए क़ुरआन मजीद, तमाम भलाइयों तक पहुंच का रास्ता था।
अल्लाह का सलाम हो, क़ुरआन की राह के शहीद पर।
आज शुक्रवार 3 जुलाई 2026, शहीद रहबर इमाम सैयद अली ख़ामेनेई के शव को अलविदा कहने में सिर्फ़ दिन बचा है!
#उठ खड़े होना चाहिए
#शहीद ख़ामेनेई
03/07/2026