क़ुरआन की रौशनी में: आख़िरकार कामयाबी फ़िलिस्तीनी अवाम की होगी
इस्लामी दुनिया यह न भूले कि इस अहम व निर्णायक मसले में इस्लाम के मुक़ाबले में, मुस्लिम क़ौम के मुक़ाबले में, मज़लूम फ़िलिस्तीन के मुक़ाबले में जो खड़ा है वह अमरीका है, फ़्रांस है, ब्रिटेन है। यह इस्लामी जगत न भूले, इसे समझे! अपने लेन-देन में, अपने मामलों में, अपनी समीक्षाओं में यह न भूले कि कौन खड़ा है और उन मज़लूम अवाम और मज़लूम क़ौम पर ज़ुल्म कर रहा है। यह सिर्फ़ ज़ायोनी सरकार नहीं है। अलबत्ता हमें शक नहीं “अल्लाह का वादा सच्चा है और जो लोग यक़ीन नहीं रखते वो आपको (जोश दिलाकर) बेबर्दाश्त न कर दें।” (सूरए रूम-आयत-60) जिन लोगों को अल्लाह के वादे पर यक़ीन नहीं होता वो अपनी बदगुमानियों से आपको डिगा न दें, आपका इरादा कमज़ोर न कर दें। इंशाअल्लाह निश्चित फ़तह जो ज़्यादा दूर नहीं, फ़िलिस्तीन के अवाम और फ़िलिस्तीन की होगी।
इमाम ख़ामेनेई
1/11/2013
इस्लामी दुनिया यह न भूले कि इस अहम व निर्णायक मसले में इस्लाम के मुक़ाबले में, मुस्लिम क़ौम के मुक़ाबले में, मज़लूम फ़िलिस्तीन के मुक़ाबले में जो खड़ा है वह अमरीका है, फ़्रांस है, ब्रिटेन है। यह इस्लामी जगत न भूले, इसे समझे! अपने लेन-देन में, अपने मामलों में, अपनी समीक्षाओं में यह न भूले कि कौन खड़ा है और उन मज़लूम अवाम और मज़लूम क़ौम पर ज़ुल्म कर रहा है। यह सिर्फ़ ज़ायोनी सरकार नहीं है। अलबत्ता हमें शक नहीं “अल्लाह का वादा सच्चा है और जो लोग यक़ीन नहीं रखते वो आपको (जोश दिलाकर) बेबर्दाश्त न कर दें।” (सूरए रूम-आयत-60) जिन लोगों को अल्लाह के वादे पर यक़ीन नहीं होता वो अपनी बदगुमानियों से आपको डिगा न दें, आपका इरादा कमज़ोर न कर दें। इंशाअल्लाह निश्चित फ़तह जो ज़्यादा दूर नहीं, फ़िलिस्तीन के अवाम और फ़िलिस्तीन की होगी।
इमाम ख़ामेनेई
1/11/2013
05/01/2026