इस्लामी घरानाः घरदारी का अपमान, गुनाह है

औरत की एक सबसे अहम ज़िम्मेदारियों में घर की देखभाल है। सब जानते हैं कि मैं महिलाओं की राजनैतिक व सामाजिक सरगर्मियों के ख़िलाफ़ नहीं हूं, इसमें कोई हरज नहीं है। लेकिन अगर 'घरदारी' को गिरी नज़रों से देखने लगें तो यह गुनाह होगा, घरदारी एक काम है, बहुत अहम काम है, सबसे ज़्यादा अहम व गंभीर काम, भविष्य बनाने वाला काम है, माँ बनना बहुत महान काम है। हम लोगों से सोच विचार से काम न लेने की वजह से एक ग़लती हो गयी। मुल्क में एक दौर ऐसा भी गुज़रा कि अफ़सोस! इस मसले में लापरवाही हो गयी और आज हम उसके ख़तरों को अपनी आँखों से देख रहे हैं। इमाम ख़ामेनेई 01/05/2013

औरत की एक सबसे अहम ज़िम्मेदारियों में घर की देखभाल है। सब जानते हैं कि मैं महिलाओं की राजनैतिक व सामाजिक सरगर्मियों के ख़िलाफ़ नहीं हूं, इसमें कोई हरज नहीं है। लेकिन अगर 'घरदारी' को गिरी नज़रों से देखने लगें तो यह गुनाह होगा, घरदारी एक काम है, बहुत अहम काम है, सबसे ज़्यादा अहम व गंभीर काम, भविष्य बनाने वाला काम है, माँ बनना बहुत महान काम है। हम लोगों से सोच विचार से काम न लेने की वजह से एक ग़लती हो गयी। मुल्क में एक दौर ऐसा भी गुज़रा कि अफ़सोस! इस मसले में लापरवाही हो गयी और आज हम उसके ख़तरों को अपनी आँखों से देख रहे हैं।

इमाम ख़ामेनेई

01/05/2013

24/01/2026

इस्लामी घरानाः घरदारी का अपमान, गुनाह है