इस्लामी घरानाः बीवी में ज़िम्मेदारी के एहसास के बिना, घर नहीं चलता
औरत के फ़रीज़े का केन्द्र बिन्दु उसकी फ़ैमिली है और हक़ीक़त भी यही है। घर का वजूद बीवी की मौजूदगी के बिना, बीवी के सहयोग के बिना और बीवी में फ़रीज़े के एहसास के बिना मुमकिन नहीं है चल सके।
इमाम ख़ामेनेई
4/01/2023
औरत के फ़रीज़े का केन्द्र बिन्दु उसकी फ़ैमिली है और हक़ीक़त भी यही है। घर का वजूद बीवी की मौजूदगी के बिना, बीवी के सहयोग के बिना और बीवी में फ़रीज़े के एहसास के बिना मुमकिन नहीं है चल सके।
इमाम ख़ामेनेई
4/01/2023
01/10/2025