शहीद के ख़ून को ज़िंदा रखने का जेहाद
शहीद के ख़ून को ज़िंदा रखने की मशक़्क़त ख़ुद शहादत पेश करने से कम नहीं है। इमाम सज्जाद अलैहिस्सलाम का 30 तक चलने वाला जेहाद और हज़रत ज़ैनब सलामुल्लाह अलैहा का कई साल का संघर्ष इसकी मिसाल है। इस ख़ून को ज़िंदा रखने के लिए मशक़्क़तें उठाईं।
इमाम ख़ामेनेई
7 मई 1997
23/08/2022